कछला घाट पर गंगा में डूबे चार श्रद्धालु, तीन की मौत
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कासगंज/सोरों। ज्येष्ठ अमावस्या पर गंगा स्नान को राजस्थान से आए चार श्रद्धालु कछला घाट पर डूब गए। इनमें तीन की मौत हो गई, जबकि एक को गोताखोरों ने बचा लिया। मृतकों में एक युवक आगरा के मलपुरा का निवासी है।
जिला भरतपुर के थाना चिकसोना के नगला सीखम निवासी अनिल(21) पुत्र किशन सिंह अपने भाई अमित(18), चचेरे भाई सुमित(16) पुत्र राजेश के साथ सोरों अपने पितृ की आत्म शांति के लिए पूजन कराने आए थे। उनके साथ आगरा के मलपुरा से फुफेरा भाई शैलेंद्र(24) पुत्र बंगाली भी आया था। तीर्थनगरी में पितृ पूजा के बाद सभी गंगा स्नान के लिए कछला चले गए। सुबह 6 बजे गंगा स्नान करते समय डूबने लगे। उन्हें डूबता देख परिवार के सदस्य चीखने लगे। पुलिस के साथ पहुंचे गोताखोरों ने काफी मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला। सुमित व शैलेंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। वहीं अनिल को जिला चिकित्सालय बदायूं ले जाया गया। जहां तीनों को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि अमित की जान बच गई। परिजनों ने शवों का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया और शव लेकर गांव चले गए।
इकलौता पुत्र था सुमित
कासगंज। मौत का शिकार हुआ सुमित पुत्र राजेश इकलौता था। दो बहनों के बीच अकेला भाई होने के कारण उसकी मौत के बाद बहनों और मां का रो रोकर बुरा हाल है।
घाटों पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं
कासगंज। गंगा स्नान पर्वों पर खतरे के निशान के लिए झंडियां लगाकर चिह्न बना दिए जाते हैं। सामान्य दिनों में ऐसे निशान नहीं लगते, जिससे अक्सर हादसे हो जाते हैं। पर्वों को छोड़कर अन्य दिनों में सुरक्षा इंतजाम नहीं होते। लोगों की जान घाटों पर रह रहे गोताखोरों के भरोसे होती है।
पक्के घाट न होने से होते हैं हादसे
कासगंज। जिले में लहरा, कछला, कादरगंज घाट सहित अन्य घाटों पर श्रद्धालु गंगा स्नान करने को पहुंचते हैं। कोई भी गंगा घाट पक्का न होने से श्रद्धालु गंगा में अंदर चले जाते हैं और डूब जाते हैं। पक्के घाट हों तो हादसों से बचा जा सकेगा।