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आंधी-तूफान में 22 भैंस, 35 बकरी व सैकड़ों पक्षी मरे

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फिरोजाबाद/टूंडला। बुधवार शाम आई आंधी-तूफान से 22 भैंस, 35 बकरी व सैकड़ों पक्षियों की मौत हो गई। गरीबों के आशियाने उड़ गए। सैकड़ों पेड़, खंभे भी ध्वस्त हो गए।
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गांव घुरूकुआ निवासी दयानंद (40) से घर लौटने के दौरान गांव में दीवार गिरने से मौत हो गई। नगला धीरी निवासी रामजीलाल की एक भैंस, ग्याप्रसाद की एक गाय मर गई। रसूलाबाद निवासी अमृतलाल की एक भैंस, महाराज सिंह की भैंस, धीरपुरा निवासी सत्तो की एक भैंस, भीकनपुर निवासी पन्नालाल की एक भैंस व जटपुरा निवासी ओमप्रकाश, पंचम सिंह की एक-एक भैंस की मौत हो गयी। बजहेरा निवासी रामसेवक की एक भैंस, अजीत नगर के श्री कृष्ण की एक भैंस व ठार चंडेश्वर पर अमृतपाल की एक भैंस मर गई।

नगला गार्डन निवासी सुनहरी लाल की 21 बकरियां, रामगढ़ निवासी रमेश की एक बकरी, बड़ा कुर्रा निवासी धाराजीत की दो बकरीं, भीकनपुर बझेरा निवासी कालीचरन, हुब्बलाल की पांच-पांच बकरियां मर गईं। ठार बल्दी में राष्ट्रीय पक्षी दो मोर की मौत हो गई। गढ़ी धर्मी में मुर्गी फार्म हाउस में 300 मुर्गियों की मौत हो गई।
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नगर के तेल मिलरोड पर यूसुफ के मकान की दीवार गिरने से मलबे में दबकर लुवना, दूसरे पड़ोसी सलमा, पुत्री फरीन गंभीर घायल हो गए। गांव नगला केशों में उदयवीर का पक्का मकान गिरने से परिवार की यशोदा देवी घायल हो गईं। गांव के ही रामखिलाड़ी की दीवार गिरने से वो गंभीर घायल हो गए। गांव गढ़ी थानी निवासी चंद्रपाल का कच्चा मकान गिरने से उनकी पत्नी व दो बच्चे गंभीर घायल हो गये। गांव गदलपुरा की ठार लोकमन सिंह में भगवंत स्वरूप का दो मंजिल मकान ध्वस्त हो गया। विद्युत पोल, ट्रांसफार्मर उखड़ कर गिर पड़े।

नगला सिंघी से लेकर नगला बलिया तक सभी विद्युत पोल जड़ से उखड़ गए। गढ़ी धर्मी निवासी रामप्रकाश और नेत्रपाल के नलकूप के ट्रांसफार्मर विद्युत पोल सहित गिर गए। इसके अलावा जटई, नागऊ और रसूलाबाद, नगला बलिया, नगला शिवलाल, नगला हरिश्चन्द्र, नगला सिंघी में डेढ़ सौ खंभे के गिरने से सप्लाई ठप हो गई। जो 24 घंटे बाद भी सुचारु नहीं हो सकी। नगर के स्टेशन रोड पर ही 10 पेड़ टूट गए थे। इससे स्टेशन रोड बाधित हो गया था। एनसीआर कालेज रोड, रेस्टकैंप, न्यू रेलवे कॉलोनी, कच्चा टूंडला, टूंडली, चुल्हावली क्षेत्रों में दर्जनों पेड़ टूटे पड़े थे।
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