मथुरा। शासन ने सांसद, जिला अधिकारी के गोद लिए गांवों में शिक्षा की गुणवत्ता के मानक तय कर दिए हैं। इन मानकों की कसौटी पर बेसिक शिक्षा अधिकारी मूल्यांकन करेंगे और अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे।
इन सरकारी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को दी जा रही शिक्षा की गुणवत्ता के जो मानक तय किए गए हैं उनमें कक्षा में भयमुक्त वातावरण, शिक्षण के दौरान पुस्तकालय का प्रयोग, पढ़ाए गए पाठों के अनुसार बच्चों की कार्य पुस्तिकाएं, कापियां पूर्ण हों। इसके अलावा कक्षा दो से पांच तक के छात्र हिंदी पाठ्य पुस्तकें, कक्षा छह से आठ तक के बच्चे अंग्रेजी पाठ्य पुस्तकें पढ़ने में दक्ष हों।
छात्रों के परिणाम उनके माता-पिता को भी बताए जाएं। बीएसए संजीव कुमार सिंह ने बताया कि इन विद्यालयों में शिक्षकों की मौजूदगी और सरकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर देने के साथ ही शैक्षिक गुणवत्ता की मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार की जा रही है।