समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह के समधी और पूर्व पालकिाध्यक्ष रामप्रकाश (नेहरू) ने बुधवार को प्रेस वार्ता कर सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पूर्व पालिका अध्यक्ष राम प्रकाश यादव नेहरू ने कहा कि सीबीआई जांच से बचने के लिए सपा के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद प्रोफेसर रामगोपाल यादव भाजपा से हाथ मिलाए हुए हैं। अपने भाई एवं सिरसागंज विधायक हरिओम यादव पर लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देते हुए नेहरू ने कहा कि योगी और मोदी की आंधी में विधायक ने सिरसागंज सीट बचा कर सपा को अपनी ताकत दिखाई।
विज्ञापन
विधायक की लोकप्रियता देख जिले के नेताओं ने साजिश के तहत फंसाया है। समाजवादी पार्टी की कलह खुल कर सामने आती रही है। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष की सदस्यता खत्म होने एवं पूर्व विधायक के बेटे अमोल यादव के भाजपा में शामिल होने से पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में मायूसी है। उन्होने कहा कि विधायक पर आरोप लगाने वाले पहले अपने गिरेबां में झांकें। समाजवाद का दम भरने वाले विधायक और छोटू पर अंगुली उठाने वाले बताएं कि अविश्वास प्रस्ताव के वे वक्त कहां थे।
सपा के चारों एमलएलसी जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए सपा प्रत्याशी के नामांकन के समय मौजूद थे। वे बताएं कि आखिर किन कारणों से नामांकन पत्र दाखिल नहीं करा पाए। प्रशासन पर लगाए आरोप निराधार हैं। उन्होंने कहा कि विधायक के जेल से बाहर आने पर जन आंदोलन होगा। आंदोलन में सपा सरकार में पांच साल तक मलाई खाने वालों का भंडाफोड़ किया जाएगा। जिला पंचायत अध्यक्ष का पर्चा दाखिल होते समय प्रोफेसर रामगोपाल ने जो बयान दिया उसकी उम्मीद नहीं थी।