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थ्रीडी तकनीक से मिल रहा डिजिटल ज्ञान

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बच्चों को कुछ नया करने के लिए प्रेरित किया - फोटो : अमकर उजाला
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एटा। परिषदीय विद्यालयों को लेकर हमेशा से बदहाली और अव्यवस्थाओं की तस्वीरें सामने आती रही हैं। मगर कुछ शिक्षक ऐसे भी हैं, जो अपने विद्यालय और विद्यार्थी को हाईटेक बनाने के साथ-साथ विभाग की छवि को सुधारने का काम कर रहे हैं। शीतलपुर विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय शीतलपुर में कार्यरत शिक्षिका चंचल जैन इन दिनों विद्यार्थियों को थ्रीडी तकनीक से डिजिटल ज्ञान दे रही हैं।
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वहीं स्कूल में खेल आधारित शिक्षा देकर बच्चों को ज्ञानवान बनाया जा रहा है। यही कारण है कि शिक्षिका के प्रयासों से स्कूल का नामांकन स्मार्ट स्कूल पुरस्कार के लिए हुआ है।

शीतलपुर प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका चंचल अपने संसाधनों से बच्चों को ज्ञान देने के साथ प्रधानमंत्री के सपने को पूरा कर रही हैं। मूल रूप से आगरा की निवासी शिक्षिका चंचल जैन को 18 नवंबर 2015 को प्राथमिक विद्यालय शीतलपुर में सहायक अध्यापिका के तौर पर तैनाती मिली। उन्होंने बच्चों को हर बार कुछ नया करने के लिए प्रेरित किया।
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कुछ समय बाद उनकी कार्यक्षमता को देखते हुए उनको इंचार्ज प्रधानाध्यापिका बना दिया गया। इन दिनों वे बच्चों को थ्रीडी के जरिए विज्ञान पढ़ा रही हैं। छोटे-छोटे बच्चे थ्रीडी के जरिए बड़े जानवरों को महसूस करते हैं और उनको पकड़ने की कला सीखते हैं। इसके साथ ही बच्चों को वे जानवरों के बारे में पूरी जानकारी देती हैं। आलम यह है कि प्राथमिक विद्यालय से नाम लिखाकर गायब रहने वाले बच्चों को मैडम के आने का इंतजार रहता है।


खेलों में कमाया नाम
शिक्षिका के निर्देशन में बच्चे खेलकूद में महारत हासिल कर रहे हैं। पिछले दिनों ब्लॉक लेवल और जिला स्तर पर हुई प्रतियोगिता में बच्चों ने प्रतिभाग कर नाम कमाया है। इसके साथ ही स्कूलों में क्रियात्मक ज्ञान कराया जाता है। गणित का ज्ञान बच्चों को खेल-खेल में कराया जाता है।


कुछ नया करना चाहती हूं
शीतलपुर प्राथमिक विद्यालय का स्मार्ट स्कूल पुरस्कार के लिए नामांकन हुआ है। शिक्षिका चंचल जैन कहती हैं कि परिषदीय विद्यालयों को लेकर लोगों के मन में बनी धारणा को खत्म करने के साथ बच्चों को क्रियात्मक बनाने का उद्देश्य है। कुछ नया करके बच्चों की क्रिएटिवटी को जगाना चाहती हूं। ताकि वे आगे चलकर बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकें।
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