मथुरा। बच्चों की सेहत के लिए अधिकारी जरा भी फिक्रमंद नहीं हैं। कुपोषण मिटाने के लिए अफसरों ने जिन साठ गांवों को गोद लिया था उनमें अधिकारियों ने जाकर झांका तक नहीं।
जनपद में नवजात से लेकर पांच साल के बच्चों में 19431 बच्चे अति कुपोषित व 35 हजार से अधिक बच्चे कुपोषित पाए गए हैं। बच्चों के स्वास्थ सुधार के लिए राज्य पोषण मिशन के तहत राज्य सरकार ने जिला स्तरीय 30 अधिकारियों को दो-दो गांवों को कुपोषण मुक्त करने को गोद दिया था। पहले चरण में ओडीएफ घोषित किए 60 गांव दिए गए।
इसमें 16 से 30 दिसंबर तक पोषण पखवाड़ा चलाकर बच्चों के कुपोषण मिटाने को जागरूकता, पोषाहार बांटे जाने, ठीक से आहार लेने की जानकारी देनी थी, लेकिन जिला प्रशिक्षण अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, एसीएमओ डा दिलीप कुमार, डीएसओ, बीडीओ फरह, एसीएमओ डा पीके गुप्ता, बेसिक शिक्षा अधिकारी, बीडीओ गोवर्धन, बीडीओ नंदगांव ने कोई रुचि नहीं ली। पखवाड़ा बीतने के 10 दिन बाद भी अफसरों ने रिपोर्ट जिला कार्यक्रम अधिकारी को नहीं दी।
इस पर सीडीओ ने सभी अफसरों को शीघ्र रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। सीडीओ पवन कुमार गंगवार ने बताया कि सभी नौ अफसरों से नवंबर व दिसंबर माह की निरीक्षण आख्या की रिपोर्ट मांगी है।