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कारोबार की प्रतिद्वंद्विता से दोस्त बने दुश्मन

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मैनपुरी/किशनी। थाना कुर्रा के गांव नगला डूडे के दो दोस्त कारोबार की प्रतिद्वंद्विता के चलते दुश्मन हो गए। दोनों ने एक दशक पूर्व गांव छोड़कर लखनऊ में आशियाना बनाया था। वारदात की सूचना पर ग्रामीण उनकी दोस्ती से दुश्मनी होने तक की चर्चा करते नजर आए। सुखराम की हत्या के संबंध में पुलिस पूछताछ के लिए गांव से पांच लोगों को फिरोजाबाद ले गई है।
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नगला डूडे निवासी सुखराम यादव तथा राजकिशोर यादव के बीच गहरी मित्रता थी। हम उम्र होने से दोनों ने 15 साल पहले लाइसेंसी राइफल खरीदने के लिए रुपया एकत्रित किया। सैफई के समीपवर्ती गांव होने से दोनों ही सपा नेताओं के संपर्क में आ गए। दोनों ने मिलकर ठेकेदारी शुरू कर दी। ग्रामीणों के अनुसार उनका काम बढ़ा तो उनके बीच व्यवसायिक प्रतिद्वंद्विता भी बढ़ने लगी। लेनदेन को लेकर उनके बीच कई बार विवाद हुआ। दोनों ने ही ठेकेदारी का दायरा बढ़ाने के लिए लखनऊ में आशियाना बना लिया, लेकिन उनका गांव आना-जाना बना रहा।

बताते हैं सात-आठ महीने पहले दोनों ही गांव में आए थे। दबी जुबान ग्रामीण बताते हैं कि दोनों को सपा नेताओं का संरक्षण मिला हुआ था। सपा नेताओं के ज्यादा नजदीक होने से सुखराम अखिलेश सरकार में खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के सदस्य भी बन गए। इसके बाद उनके बीच प्रतिद्वंद्विता और बढ़ गई। पुराने लेनदेन को लेकर उनके बीच विवाद इस कदर गहराया कि एक दूसरे की जान के दुश्मन तक बन गए।
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शनिवार शाम साढ़े पांच बजे पोस्टमार्टम के बाद शव गांव लाया गया। गांव में ही सुखराम का अंतिम संस्कार कर दिया गया। ग्रामीणों की मानें तो गुरुवार की रात दो जीपों से पुलिस गांव आई थी। गांव में राजकिशोर के परिवारीजन नहीं मिले। पुलिस पूछताछ के लिए राजकिशोर से संबंधित पांच लोगों को साथ ले गई है। गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। घटना के संबंध में कोई भी खुलकर कुछ भी कहने को तैयार नहीं है।
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