फिरोजाबाद। जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत प्रसूताओं को मिल रहे रहे भोजन की निगरानी शुरू हो गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक ने इसका विवरण मांगा है। जिले की कुछ सीएचसी एवं पीएचसी पर भोजन नहीं पकने की शिकायत मिली थी। सूचनाएं शासन को भेजी जाएंगी।
स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को नाश्ता और भोजन देने की व्यवस्था है। इसके लिए सेवा प्रदाता के माध्यम से प्रसूताओं को योजना का लाभ दिया जा रहा है। आए दिन कमियां सामने आ रही हैं। इसके अलावा आए दिन कई सीएचसी पर प्रसूताओं के भोजन की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
ऐसे में मिशन निदेशक पंकज कुमार ने योजना की पड़ताल की तो पता चला कि प्रसव के बाद 48 घंटे से भी कम समय महिलाएं अस्पताल में रुक रही हैं। ऐसे में अप्रैल से सितंबर तक हुए प्रसव की संख्या, उन्हें दिए गए नाश्ते और दिन-रात दिए गए भोजन का ब्यौरा मांगा है। सीएमओ डा. एसके दीक्षित ने बताया कि सूचनाएं मांगी गईं हैं। ब्लाक से सूचना एकत्रित कर शासन को समय से भेज देंगे।