फिरोजाबाद/टूंडला। ठा. बीरी सिंह इंटर कॉलेज में मतगणना के दौरान एक के बाद दूसरी मतपेटिका की सील टूटी देख सपा, बसपा, कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशियों का पारा चढ़ गया। प्रत्याशियों ने कैबिनेट मंत्री के इशारे पर प्रशासन द्वारा मतपेटिकाओं में मतपत्र बदले जाने का आरोप लगाते हुए मतगणना का बहिष्कार किया और मतगणना स्थल से बाहर निकल गये।
प्रत्याशियों ने स्टेशन रोड पर धरना देते हुए जाम लगा दिया। इस बीच प्रशासन उन्हें समझाते हुए मतगणना में पहुंचने का आग्रह किया, लेकिन वे पुन: मतदान की मांग करते हुए हंगामा करते रहे। बाद में प्रत्याशियों ने चुनाव आयोग को फैक्स भेजकर धांधली की शिकायत की है।
शुक्रवार दोपहर मतगणना सुचारु रूप से चल रही थी। दोपहर 12 बजे करीब उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब अध्यक्ष पद के लिए टेबल संख्या 10 पर लाई गई मतपेटिका की सील टूटी हुई निकली। यह देख भाजपा को छोड़ अन्य दलों व निर्दलीय प्रत्याशियों ने विरोध कर दिया। इस दौरान पहुंचे
ऑब्जर्वर से शिकायत की तो उन्होंने आरओ को शिकायत करने को कहा। जब आरओ से शिकायत की तो उन्होंने उनकी बात पर अधिक ध्यान नहीं दिया। इस पर सुबह एक और मतपेटिका की सील टूटी होने और फिर से मतपेटिका की सील टूटी होने पर उनका पारा चढ़ गया।
प्रत्याशियों ने हंगामा करते हुए मतगणना का बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया और मतगणना स्थल से निकल कर स्टेशन रोड पर आ गए और जाम लगा दिया। एसडीएम डॉ. सुरेश कुमार व सीओ डॉ. धर्मेन्द्र कुमार ने किसी तरह उन्हें समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। इसके बाद सभी मतगणना स्थल के गेट पर बैठ गए और कैबिनेट मंत्री के विरुद्ध नारेबाजी की।
प्रत्याशियों ने आरोप लगाया कि एसडीएम ने कैबिनेट मंत्री के इशारे पर एक करोड़ रुपये लेकर मतपत्रों को बदला है। मतगणना होने तक भाजपा छोड़ कोई भी प्रत्याशी मतगणना स्थल पर नहीं गया।
कांग्रेस प्रत्याशी हरिश्चन्द्र, बसपा प्रत्याशी पुष्पा मौर्या, सपा प्रत्याशी राजकुमारी वाल्मीकि, निर्दलीय प्रत्याशी नीलम दिवाकर, निर्दलीय प्रत्याशी सूर्यकांत, निर्दलीय प्रत्याशी सुशील चक ने दोबारा मतदान कराने की मांग करते हुए जमकर हंगामा किया।
इस बीच प्रशासन की पहल पर प्रत्याशियों ने लिखित शिकायत आरओ की दी तथा फैक्स के माध्यम से आयोग को शिकायत करने के बाद सभी प्रत्याशी मतगणना का विरोध करते हुए अपने घरों को चले गए। तब प्रशासन ने अन्य दलों के प्रत्याशियों व एजेंटों के बिना ही मतगणना को पूरा कराया।
भाजपा की बागी प्रत्याशी नीलम दिवाकर ने आरोप लगाया कि सत्ता की हनक में कैबिनेट मंत्री के इशारे पर मतपेटिकाओं के बदली गयीं हैं। इधर बसपा प्रत्याशी के पति प्रकाश चंन्द्र मौर्य ने मतपेटिकाएं बदले जाने का काम रात के अंधेरे में किया गया है।
अब से पूर्व कोई कटौती नहीं थी। कांग्रेस प्रत्याशी हरिश्चन्द्र माहौर का आरोप था कि एक मतपेटिका की सील टूटी हुई होती तो समझ में आता यहां तो कई मतपेटिकाओं की सील टूटी निकली हैं। सपा प्रत्याशी राजकुुमारी के पुत्र शैलेन्द्र वाल्मीकि ने आरोप लगाया कि कैबिनेट मंत्री ने अपनी साख बचाने के लिए यह खेल खेला है। इस तरह की घटना कर लोकतंत्र की हत्या की है।