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संदिग्ध प्रमाण पत्रों पर नौकरी करने वालों के दर्ज होंगे बयान

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डेमो - फोटो : डेमो
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मथुरा। स्नातक के संदिग्ध प्रमाण पत्रों से शिक्षक की नौकरी हासिल करने वाले 19 लोगों के बयान बीएसए कार्यालय में दर्ज होंगे। वहीं, मेरिट लिस्ट के अगले 17 अभ्यर्थी भी अपना पक्ष रखेंगे। इसके बाद बीएसए अपना निर्णय देंगे।
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गौरतलब है कि वर्ष 2016 में प्रदेश में 16 हजार शिक्षकों की भर्ती हुई थी। उस दौरान मथुरा में भी शिक्षकों की भर्ती हुई थी। लेकिन बीएसए की जांच में प्रथमदृष्टया 19 शिक्षकों के प्रमाण पत्रों संदिग्ध पाए गए। इस मामले में शिक्षक उच्च न्यायालय की शरण में चले गए।

इधर मेरिट में अगले 17 अभ्यर्थी भी न्यायालय चले गए। इस मामले में न्यायालय ने बीएसए मथुरा को आदेश दिया है कि वो दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपना निर्णय दें। इस मामले में बीएसए संजीव कुमार सिंह ने दोनों पक्षों को पत्र भेजकर कार्यालय बुलवाया है। ताकि दोनों ही पक्ष अपनी बात रख सकें।
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बीएसए के पत्र पर भी दर्ज नहीं हुई एफआईआर
तत्कालीन बीएसए मनोज मिश्रा ने 20 दिसंबर 2016 को एसएसपी को पत्र लिखकर 19 शिक्षकों के नाम और विवरण भेजकर एफआईआर दर्ज करने का आग्रह किया था। इस पत्र की प्रतिलिपि डीएम, सीडीओ, डायट प्राचार्य व संबंधित थाना अध्यक्ष को भी भेजी गई। जांच का विषय तो ये भी है कि आखिर इतने गंभीर मामले में भी लीपापोती के पीछे कौन है। बहरहाल अब सबकी निगाहें बीएसए पर टिक गई है।
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