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आंगनबाड़ियों ने घेर लिया कलक्ट्रेट, तीन घंटे फंसे रहे अधिकारी

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प्रतीकात्मक चित्र - फोटो : अमर उजाला
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मथुरा। गुरुवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट घेर लिया। डीएम कार्यालय के सभी गेट बंद करा दिए गए। जमकर हंगामा किया। प्रदेश सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारे गूंजते रहे। दोपहर को एक बजे से तीन बजे तक अधिकारी भी कलक्ट्रेट में फंसे रहे। बाद में अधिकारियों ने किसी तरह समझा बुझाकर शांत कराया। दो कार्यकर्ता बेहोश भी हो गई थीं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का पिछले चार दिनों से धरना चल रहा है। वजन दिवस का भी बहिष्कार कर रखा है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि अधिकारी उनसे कह रहे हैं कि अगर आंदोलन समाप्त नहीं किया तो सेवाएं समाप्त कर देंगे। इसे लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भड़क गईं और दोपहर को एक बजे जुलूस लेकर कलक्ट्रेट पहुंच गईं। यहां पहुंचते ही डीएम कार्यालय को घेर लिया। सभी गेट बंद करा दिए गए। सरकार और अधिकारियों के खिलाफ नारे गूंजने लगे। कार्यकर्ताओं को समझाने सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. बसंत अग्रवाल मौके पर पहुंचे लेकिन पिछले आश्वासनों अमल न होने की बात कहते हुए डीएम से मिलने की मांग की। तदोपरांत सीडीओ पवन कुमार गंगवार और एडीएम वित्त रवींद्र कुमार भी पहुंच गए, लेकिन आंगनबाड़ी डीएम से मिलने पर अड़ गईं। डीएम के खिलाफ नारेबाजी की। आंगनबाड़ियों ने कलक्ट्रेट के मुख्य द्वार पहुंचकर सिविल लाइन रोड को जाम कर दिया। इससे वाहनों की लंबी कतार लग गई। कलक्ट्रेट में मौजूद अधिकारी, अधिवक्ता और कर्मचारी भी फंस गए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रोड पर बैठ कर नारेबाजी की। आंदोलन का नेतृत्व कर रहीं ऊषा शर्मा से कई दौर की वार्ता हुई, आश्वासन दिया कि उनकी मांग शासन तक पहुंचा दी जाएगी। बात न बनने पर आखिरकार पुलिस बल ने महिलाओं को घेरे में लेते हुए जाम में फंसे वाहनों को निकाला। सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. बसंत अग्रवाल ने बताया कि आंगनबाड़ियों की मांगें सरकार तक पहुंचाई जाएंगी।
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