एटा। जिले में स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम को ग्राम पंचायत प्रतिनिधि पलीता लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं। आलम यह है कि जिले में अब तक 275 ग्राम पंचायतों का बेस लाइन सर्वे पूरा नहीं हुआ है। वहीं दूसरी ओर सरकार जिले को 31 दिसंबर 2017 तक ओडीएफ घोषित करने का दावा कर रही है। ऐसे मेें स्वच्छ भारत मिशन के लिए मुश्किलें खड़ी हो रही हैं। डीएम ने ग्राम पंचायत सचिवों को बेस लाइन सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
केंद्र सरकार ने पिछले साल शौचालय के लिए पात्र परिवारों का चयन करने के लिए बेस लाइन सर्वे कराया था। सर्व का उद्देश्य जिले में शौचालय विहीन परिवारों की स्थिति जानना था। सर्वे का जिम्मा प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव को सौंपा गया था। जब सर्वे रिपोर्ट आई तो डीएम हैरान रह गए। जिले की 576 ग्राम पंचायतों में से अब तक 275 ग्राम पंचायतों की सर्वे रिपोर्ट अधूरी है। सबसे ज्यादा स्थिति शीतलपुर ब्लॉक की खराब है।
यहां 83 ग्राम पंचायतों ने सर्वे रिपोर्ट नहीं सौंपी है। दूसरी ओर सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन जिले को खुले में शौच मुक्त घोषित करने में जुटा है। बेस लाइन सर्वे रिपोर्ट अधूरी मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए डीपीआरओ निर्देश दिए हैं। डीपीआरओ ने ग्राम पंचायत सचिवों को बेस लाइन सर्वे पूरा करने के आदेश जारी किए हैं।
डीपीआरओ धनंजय जायसवाल ने बताया कि सर्वे रिपोर्ट नहीं देने वाले पंचायत सचिव और प्रधानों पर कार्रवाई होगी।
इतनी पंचायतों की नहीं आई रिपोर्ट
ब्लॉक ग्राम पंचायतें
अलीगंज 14
जैथरा 40
शीतलपुर 83
मारहरा 26
सकीट 31
निधौलीकलां 41
अवागढ़ 21
जलेसर 19