आगरा। डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के औचक निरीक्षण में एसएन मेडिकल कालेज की पोल खुल गई। दवा नहीं मिलने की शिकायत मिली तो बाल रोग, महिला छात्रावास में गंदगी पसरी हुई थी। स्त्री रोग विभाग के पास नाला खुला हुआ था। लगभग 25 मिनट के निरीक्षण में डिप्टी सीएम को तमाम खामियां नजर आईं। सख्त नाराजगी जताते हुए डिप्टी सीएम ने डीएम से रिपोर्ट तलब की है।
आगरा कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम के बाद उपमुख्यमंत्री को दयालबाग शिक्षण संस्थान जाना था। लेकिन एकाएक उनका काफिला एसएन कालेज की ओर मुड़ गया। प्रशासनिक अधिकारी सकते में आ गए। उपमुख्यमंत्री सीधे बाल रोग विभाग पहुंचे। दूसरी मंजिल पर स्थित वार्ड में मरीजों से मिले। मरीजों ने बताया कि अधिकांश दवाएं मिलती नहीं हैं, बाहर से मंगवानी पड़ती हैं।
इसके बाद मुख्यमंत्री नवजात सघन चिकित्सा कक्ष में पहुंचे। यहां गर्मी थी, डाक्टरों से पूछा तो बताया गया कि एसी कम लगे हुए हैं। चार की दरकार है, दो ही लगे हैं। यहां का गेट भी जर्जर हाल में था। शौचालय भी गंदा था। यहां से डिप्टी सीएम महिला छात्रावास परिसर पहुंचे। यहां लंबी-लंबी घास खड़ी हुई थी, चारों ओर गंदगी पसरी हुई थी, नालियों का पानी जमा हो रहा था। स्त्री रोग विभाग के पास पहुंचे तो यहां मुकेश कुमार और उनकी मां रो रही थी। पता चला कि वृंदावन से आए हैं, अस्पताल में उपचार के दौरान परिवारीजन की मौत हो गई थी। डिप्टी सीएम ने ईश्वर की मर्जी बताते हुए दोनों को सांत्वना दी।
विधायक जी आप ही लगवा दें सबमर्सिबल
डिप्टी सीएम ने महिला छात्रावास में पानी की समस्या से निपटने के लिए सबमर्सिबल लगवाने के लिए डीएम से कहा। उन्होंने कहा कि नगर निगम से कह कर यहां सबमर्सिबल जरूर लगवा दें। इस बीच उन्होंने पार्टी नेताओं से पूछा कि ये कालेज किस विधानसभा क्षेत्र में आता है, तो पास ही खड़े विधायक योगेंद्र उपाध्याय ने अपने क्षेत्र में होने की बात कही। उन्होंने कहा कि अगर डीएम साहब सबमर्सिबल नहीं लगवाते तो आप अपनी विधायक निधि से ये कार्य कराएं।
डाक्टर और स्टाफ ने लगाई दौड़
डिप्टी सीएम करीब 11:50 बजे एसएन पहुंचे। जानकारी डाक्टर और नर्सिंग स्टाफ को मिली तो सभी आनन-फानन में पहुंचने लगे। डिप्टी सीएम लगभग 12:15 बजे यहां से दयालबाग शिक्षण संस्थान के लिए रवाना हुए। उनके जाने के बाद डाक्टर पहुंच पाए।
एसएन नए हास्टल के लिए भेज चुका है प्रस्ताव
छात्रावास की जर्जर हालत देखते हुए कालेज प्रशासन पिछले साल ही नए हास्टल का प्रस्ताव भेज चुका है। 3.60 करोड़ रुपये के प्रस्ताव में 330 कमरों की डिमांड भेजी है। प्राचार्य डा. सरोज सिंह ने बताया कि इमारत काफी जर्जर है। हर महीने शासन को पत्र भेजकर प्रस्ताव की मंजूरी की मांग करते हैं।