शिकोहाबाद। सिरसागंज विधायक हरिओम यादव और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विजय प्रताप यादव उर्फ छोटू की वर्ष 2013 में शिकोहाबाद थाने में हिस्ट्रीशीट जलाने जाने की जांच पूरी होने के साथ ही एसएसपी के आदेश पर गुरुवार को पुन: दोनों लोगों की हिस्ट्रीशीट खोल दी गई। इसके साथ ही पुलिस अब उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई करने की बात कह रही है जिनके इशारे पर हिस्ट्रीशीट जलाई गई थी।
बसपा शासन में सिरसागंज विधायक हरिओम यादव तथा उनके पुत्र विजय प्रताप यादव उर्फ छोटू पर कई मुकदमे दर्ज होने पर हिस्ट्रीसीट खोली गई थी। लेकिन विधानसभा चुनाव 2012 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने के बाद सत्ता के दवाब में पिता-पुत्र पर लिखे दर्जनों मुकदमे समाप्त कर दिए। इतना ही नहीं तत्कालीन इंस्पेक्टर और ने सत्ता के दवाब में 19 अप्रैल 2013 को मध्य रात में हिस्ट्रीसीट थाना परिसर में जला कर नष्ट कर दी थी। तब से यह मामला ठंडे बस्ते में पड़ा था। सरकार बदलने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय कुमार द्वारा मई माह में थाने का वार्षिक निरीक्षण किया गया, जिसमें यह खामी प्रकाश में आई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने इस पूरे प्रकरण की जांच एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह को सौंप दी। एसपी सिटी ने मुंशी सोबरन सिंह और सियाराम के बयान दर्ज किए। मुशियों के बयान के बाद मामले में नया मोड़ आ गया। एसपी सिटी ने सोबरन सिंह से तहरीर ले ली थी। लेकिन पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं हो सका। जांच पूरी होने के साथ ही गुरुवार को सिरसागंज विधायक हरिओम यादव और निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष विजय प्रताप उर्फ छोटू की हिस्ट्रीशीट फिर से खोल दी गई।
सिरसागंज विधायक हरीओम यादव और विजय प्रताप उर्फ छोटू यादव के खिलाफ शिकोहाबाद थाने में हिस्ट्रीशीट खोल दी गई है। हिस्ट्रीशीट नंबर शुक्रवार को डीसीआरबी द्वारा दिया जाएगा। हिस्ट्रीशीट जलाने के मामले में सीओ शिकोहाबाद रहे संजय यादव और कोतवाल शिकोहाबाद वीके तिवारी के बयान दर्ज करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अजय कुमार एसएसपी फिरोजाबाद।