एटा डिपो में 13 साल से फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे नौकरी कर रहे चालक को सेवा से हटा दिया है। गुरुवार को शिकायत की जांच कर रहे अलीगढ़ के क्षेत्रीय प्रबंधक ने आरोपी चालक के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है।
दरअसल, एटा डिपो में 11 नबंवर 1994 को राकेश कुमार गौतम पुत्र अशर्फी लाल निवासी खैर अलीगढ़ ने चालक के पद पर सेवा शुरू की गई। वर्ष 2014 में चालक के खिलाफ फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे नौकरी करने की शिकायत एटा एआरएम ने परिवहन निगम मुख्यालय से की गई।
बता दे कि चालक की कक्षा सात और आठ की पूर्व माध्यमिक विद्यालय की टीसी फर्जी मिलने पर एआरएम एटा ने कार्रवाई की संस्तुति कर चालक से स्पष्टीकरण मांगा।
चालक ने कार्यालय से 15 दिन का वक्त मांगा। इसके बाद एआरएम एटा को शिकायतकर्ता और जांचकर्ता एक होने के चलते जांच अलीगढ़ के आरएम को सौंपी तो कारण बताओ नोटिस के जवाब में चालक ने उत्पीड़न का आरोप लगाया। मामले में निगम के प्रधान प्रबंधक लखनऊ ने संज्ञान लेकर जल्द जांच पूरी करने के निर्देश दिए। जांच अधिकारी ने चालक को टीसी की मूल प्रति और प्रमाण पत्रों के साथ बुलाया। चालक ने मामले में जांच अधिकारी से कहा कि टीसी और जरूरी कागजों का बैग खो गया है। अखबार में गजट की प्रतियां भी दिर्खाइं।
इसके बाद मामले की जांच आरएम अलीगढ़ ने गहनता से की, तो पता चला कि टीसी खोने का गजट शिकायत होने के अलावा चालक ने टीसी की दूसरी प्रति भी निकलर्वाई। जांच में चालक को दोषी मानते हुए सभी देयकों को रोकते हुए सेवा से हटाने की कार्रवाई की है। एआरएम लोकेश राजपूत ने बताया कि चालक को सेवा से हटाने के आदेश मिल गए हैं।