आगरा। बैंक आफ इंडिया के चार अधिकारियों और चार रिटायर्ड अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। इसका आदेश कोर्ट ने दिया है। इन अधिकारियों पर एफडी करने के नाम पर 7.25 लाख रुपये हड़प लेने का आरोप है। इनके खिलाफ पहले भी ऐसा ही एक केस दर्ज है। इसमें पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
इस बार कोर्ट में प्रार्थना पत्र ट्रांस यमुना कालोनी की अरुणा देवी श्रीवास्तव ने अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा के माध्यम से दिया था। अरुणा देवी का कहना है कि इन लोगों ने बैंक आफ इंडिया स्टाफ एसोसिएशन वेतन भोगी सहकारी समिति बना रखी है। सभी आरोपी समिति के पदाधिकारी हैं। ये लोग पैसा लेकर उसकी एफडी करने और तय समय में उस पर ब्याज देने का वादा करते हैं।
अरुणा ने बताया कि उसने और उसकी ममेरी बहन दीपिका श्रीवास्तव ने उनके कहने पर 7.25 लाख रुपये की एफडी कराई थी। उन्हें परिवक्वता मूल्य की रसीदें दी गईं। एफडी का समय पूरा होने पर 25 अप्रैल को उन्होंने रकम मांगी, तो उन लोगों ने देने से इंकार कर दिया। इससे पहले और भी लोगों की रकम इसी तरह हड़पी जा चुकी है। निर्भय नगर निवासी बैंक कर्मचारी राकेश मिश्रा के 3.90 लाख रुपये हड़प लिए थे। उसने इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इनके खिलाफ होगी एफआईआर
बैंक अधिकारी उत्तम कुमार करीरा, एमएस सोढ़ी, महाराज सिंह, कैशियर आरएन सिंह हैं। रिटायर्ड अधिकारियों में गजेंद्र सिंह, शीला गुप्ता, प्रताप सिंह चाहर और बालेश्वर। इनके खिलाफ अमानत में खयानत, धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप हैं। एफआईआर के लिए सिकंदरा थाना पुलिस को आदेश दिया गया है।