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शहर में दौड़ रहे असुरक्षित स्कूली वाहन

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आगरा। नए शैक्षिक सत्र के पहले ही दिन स्कूली वाहनों की फिटनेस और निर्धारित मानकों की पोल खुल गई। स्कूली वाहनों में मानकों का पालन तो दूर जरूरी सुरक्षा इंतजाम भी नहीं किए गए हैं। मारुति वैनों में असुरक्षित एलपीजी सिलेंडर लगे हुए हैं। आटो में भी 10 से 15 बच्चों को ढोया जा रहा है। हालांकि इस बाबत आरटीओ प्रवर्तन ने स्कूल संचालकों को पत्र भी लिखा है, मगर इसका कोई असर नहीं दिखाई दिया।
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सोमवार को नए शैक्षिक सत्र का पहला दिन था। शहर के ज्यादातर स्कूली वाहनों में निर्धारित मानकों की अनदेखी की जा रही है। आरटीओ में पंजीकृत स्कूली वाहन भी मानकों को पूरा नहीं कर रहे हैं। स्कूली वाहनों में पुलिस, इमरजेंसी सेवाओं के मोबाइल नंबर लिखे होने चाहिए। इसके साथ ही स्पीड गवर्नर लगा होना चाहिए। लेकिन शहर में दौड़ रही 600 से अधिक स्कूली वैनों में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। पिछले दिनों मंडलायुक्त के राममोहन राव ने एलजीपी किट वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसका कोई असर नजर नहीं आया। स्कूली वैनों में एलपीजी किट लगी हैं, जो कभी भी हादसे का सबब बन सकती हैं। बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे आटो पर ही निर्भर हैं। आरटीओ अधिकारियों का कहना है कि आटो स्कूली वाहन के रूप में मान्य नहीं हैं। इसके बाद भी आटो में 10 से 15 बच्चों को ढोया जा रहा है। आरटीओ (प्रवर्तन)अनिल कुमार ने बताया कि स्कूली वाहनों की चेकिंग करवाई जाएगी।
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आरटीओ में पंजीकृत स्कूल वाहन
मिनी बस 400
बस 160
मारुति वैन 603
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