फिरोजाबाद। थोडे़ से रुपये की लालच में मिलावटखोर लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। जिले मिलावटी दूध का कारोबार जोरों पर है। गांव -कस्बों में यह धंधा खूब फलफूल रहा है। प्रशासन की कार्रवाई के दौरान देहात के क्षेत्र में मिलावटी दूध के कई मामले सामने आ चुके हैं।
पिछले दिनों में सैकड़ों लीटर मिलावटी दूध खाद्य विभाग ने नष्ट कराया है।
दूध ज्यादा देर तक चले, इसलिए हाइड्रोजन पैराक्साइड डालते हैं, जो दूध के फायदेमंद तत्वों को नष्ट कर देती है। दुकानदारों को हाइड्रोजन पैराक्साइड मिलाने पर फायदा है यह कि दूध खराब नहीं होता। मथुरा नगर निवासी मनोज कुमार को दूधिया के दूध में मिलावट की आशंका थी। उन्होंने खाद्य सुरक्षाधिकारी को कई बार फोन पर शिकायत की। मगर उन्होंने अनसुना कर दिया। इसी तरह कई मामले को विभाग अनदेखा कर देता है।
22 जून 2017। खैरगढ़ के गांव कलुपुरा चौराहा से खाद्य विभाग की टीम ने 150 लीटर मिलावटी दूध नष्ट कराया था। इसमें हाइड्रोजन पराक्साइड की मात्रा मिली हुई थी। एक जून 2017। खाद्य सुरक्षा विभाग ने थाना नसीरपुर क्षेत्र के गांव सहसपुर में 500 लीटर दूध नष्ट कराया था। दूध में बर्फ की मिलावट की गई थी, हाइड्रोजन पराक्साइड भी मिलाया था।
17 मई 2017। थाना मटसेना क्षेत्र के अंतर्गत बरामई गांव में धर्मसिंह के मिल्क स्टाक पर 300 लीटर दूध नष्ट कराया गया। यहां भी दूध में हाइड्रोजन पराक्साइड की मिलावट की गई थी।
डा. उमेश गर्ग, फिजिशियन, सेवार्थ संस्थान ट्रामा सेंटर कहते हैं कि लंबे समय तक रसायन युक्त दूध पी रहे हैं तो आप अपने शरीर पर नुकसान पहुंचा रहे हैं। रसायन से दस्त, उल्टी आदि बीमारियां पैदा होती हैं। लंबे समय तक सेवन करने पर हृदय की बीमारियां हो जाती हैं।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीके कुशवाह कहते हैं कि दूध में अगर रसायन मिलाया जाता है या फिर उसे ठंडा करने के लिए बर्फ मिलाते हैं तो उसे टीम नष्ट कराएगी। नमूना भरकर जांच के लिए भेज देती है। दूध में मिलावट होने पर पांच लाख रुपये जुर्माना या फिर जेल का प्रावधान है।