डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की यूएफएम (अनफेयर मीन्स) कमेटी ने जिन 57 कालेजाें की परीक्षा निरस्त की है, उनमें आगरा के 17 कालेज शामिल हैं। खास बात यह है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी तक इन कालेजों के नाम उजागर नहीं किए हैं। लेकिन कार्रवाई से कालेज संचालकों में हड़कंप मच गया है। लिस्ट से नाम हटवाने के लिए ‘खेल’ शुरू हो गया है। बताते हैं कि नकल माफिया विश्वविद्यालय के एक ‘साहब’ से लगातार संपर्क में हैं। नाम हटाने के लिए सौदेबाजी की जा रही है।
बता दें, विश्वविद्यालय की सत्र 2014-15 की मुख्य परीक्षा में जमकर नकल हुई थी। मामले में गुरुवार को बैठक में कमेटी ने परीक्षाओं को मजाक बनाने वाले इन 57 कालेजों पर कार्रवाई करते हुए संबंधित दिन की परीक्षा निरस्त करने का फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि आगरा के 17 कालेज लिस्ट में शामिल हैं। सचल दल से दबंगई दिखाने और अभद्रता करने वाले 21 कालेजों को एक साल के लिए डिबार किया गया है। यूएफएम कमेटी के इस निर्णय पर सोमवार को कुलपति अपनी मुहर लगाएंगे।
सूत्र बताते हैं कि सूची से अपने कालेज का नाम हटवाने के लिए संचालक पूरा जोर लगा रहे हैं। सत्ताधारियों से नजदीकी रिश्ता रखने वाले कुछ कालेज संचालकों ने तो ‘ऊपर’ से भी फोन करवाए हैं। इधर ‘साहब’ शुक्रवार को भी विश्वविद्यालय नहीं पहुंचे।
पर्यवेक्षक कराएंगे परीक्षा
इन कालेजाें में संबंधित विषय की परीक्षा कराने के लिए पर्यवेक्षक तैनात किए जाएंगे। यूएफएम कमेटी ने इस पर निर्णय लिया है। औटा अध्यक्ष डा. वीरेंद्र चौहान ने बताया कि निरस्त की गई पाली की परीक्षा पर्यवेक्षक की निगरानी की संस्तुति की गई है।
छात्रों की भी बढ़ी धड़कनें
सामूहिक नकल वाले कालेजों की उस दिन की परीक्षा निरस्त करने के फैसले से हजारों छात्रों की भी धड़कने बढ़ गई हैं। शुक्रवार को बड़ी संख्या में छात्र जानकारी करने विश्वविद्यालय और कालेजों में पहुंचे।
वर्जन
यूएफएम कमेटी ने जिन कालेजों पर कार्रवाई की संस्तुति की है, उनकी रिपोर्ट (मिनट्स) मिलने के बाद फैसले पर अंतिम मुहर लगेगी। इसके बाद कालेजों के नाम सार्वजनिक कर दिए जाएंगे।
- प्रो. मोहम्मद मुजम्मिल, कुलपति