प्राथमिक विद्यालय पाडम का जर्जर स्कूल इस बिल्डिंग में क्लास नहीं लगती हैं।
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फिरोजाबाद। जनपद के जर्जर परिषदीय स्कूल हादसे का इंतजार कर रहे हैं। शासन ने जर्जर भवनों को ध्वस्त कराने के आदेश दिए हैं। लेकिन जनपद में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई लंबित पड़ी है। सीडीओ ने एक सप्ताह में कमेटी से भवनों का मूल्यांकन कर रिपोर्ट मांगी थी। मगर अभी तक यह कार्रवाई लंबित है। स्कूल खुलने पर शिक्षक और बच्चों पर फिर से खतरा मंडराएगा।
शासन के आदेश के बाद जनपद के जर्जर पड़ चुके 168 स्कूलों का चिन्हांकन ध्वस्तीकरण के लिए प्रशासन ने किया था। इनमें कई स्कूल तो सन् 1950 के बने हुए हैं। 70 वर्ष पूर्व बने स्कूलों की मियाद भी पूरी हो गई है मगर ये जर्जर स्कूल भवन आज भी यूं ही खड़े हुए हैं। जर्जर भवन होने के कारण कई स्कूलों की कक्षाएं दूसरे भवनों में संचालित होती हैं। इस कारण विद्यार्थियों को अन्य स्थान पर पढ़ने जाना पड़ता है। मुख्यमंत्री ने जर्जर भवनों की अतिशीघ्र नीलामी की कार्रवाई के निर्देश दिए थे। सीडीओ चर्चित गौड़ ने भी अधिशासी अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, सहायक अभियंता लघु सिंचाई, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग की कमेटी बनाई है। कमेटी को विद्यालय का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा है। मगर लापरवाही के कारण अभी तक जांच प्रक्रिया ही पूरी नहीं हुई है।
जनपद में 168 स्कूलों के ध्वस्तीकरण के आदेश सीडीओ ने कमेटी को दिए हैं। जर्जर स्कूलों के भवनों को ध्वस्त करने की कार्रवाई शीघ्र पूरी की जानी है। आगामी सप्ताह तक पता चलेगा कि कमेटी ने कितने स्कूलों का सत्यापन कर लिया। -डॉ. अरविंद पाठक, बीएसए
ब्लॉक जर्जर स्कूलों की संख्या
टूंडला ब्लॉक- 28
अरांव - 10
नारखी- 10
नगर क्षेत्र- 13
जसराना - 15
फिरोजाबाद- 10
मदनपुर - 37
खैरगढ़- 5
एका- 33
शिकोहाबाद- 07
कुल- 168