एक झलक जो मिल जाए तो बात बन जाए...
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एटा। सियासत में सब कुछ चलता है। पीएम मोदी ने जिस अंदाज में जिले की सियासी नब्ज को छुआ, उसका जरिया सात सवाल बने। राष्ट्रवाद के मुद्दे को टटोलने का रास्ता भी उन्होंने सवालों के जरिए तय किया। अपने चिर परिचित सवाली अंदाज को बरकरार रखते हुए पीएम ने जिले के लोगों के मन को छुआ और सियासत के लिए नया सवाल छोड़ दिया कि आखिर कौन कर सकता है? जनता भी पीएम के सवालों पर खूब मुखर हुई और हर सवाल का जोशीले अंदाज में जवाब भी दिया।
पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को रैली को संबोधित करते हुए जनता से सात सवाल पूछे और अंत में जनता के जवाब सुनकर उन्होंने जनता को सही रास्ता दिखाने की कोशिश की। उन्होंने सवालों में राष्ट्रवाद, आतंकवाद, देश के सम्मान की बात रखी और जवाबों में पीएम को वही सुनने को मिला, जो वह चाहते थे। इन सवालों पर गौर करें तो सही मायने में सात सवालों ने प्रदेश की सियासत को काफी कुछ समझा दिया। मुद्दे बेशक देश के रहे हों, लेकिन मोदी ने समझाया कि आपका वोट कीमती है। मोदी के अंदाज के लोग कायल नजर आए।
ये हैं सात सवाल
सवाल1- क्या आज दुनिया में भारत का दम दिख रहा है?
जनता का जवाब: जोश के साथ हां
सवाल 2: देश का सम्मान दुनिया कर रही है?
जवाब: हां
सवाल 3: केंद्र और प्रदेश सरकार में यूपी में कोई बम धमाका हुआ?
जवाब: नहीं
सवाल 4: पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों में मारा, गर्व हुआ, सीना चौड़ा हुआ, खुशी हुई?
जवाब: हां
सवाल 5: क्या देश को आतंकवाद से मुक्ति मिलनी चाहिए? आतंकवाद खत्म होना चाहिए?
जवाब: हां
सवाल 6: यह काम कौन करेगा?
जवाब: मोदी
सवाल 7: जनता किसका साथ देगी लूटने वालों का या देश बनाने वालों का?
जवाब: देश बनाने वालों का