मथुरा। दूसरे दिन भी मध्य रात में हुई बरसात ने किसानों के चेहरे खिला दिए हैं। गेहूं, जौ और आलू की फसल में सिंचाई का इंतजार कर रहे किसान इस बरसात से खुुश हैं। कृषि विशेषज्ञ भी इसे किसानों के लिए फायदे वाली बता रहे हैं। हालांकि शहरी क्षेत्र में बरसात से जलभराव और कीचड़ की स्थित पैदा हो गई है।
ठंड में बदले मौसम के तेवर ने लोगों को एक बार फिर कड़कड़ाती ठंड का अहसास करा दिया। गुरुवार रात को बरसात के साथ तेज हवा ने तापमान को और भी गिरा दिया। इसका असर शुक्रवार को भी देखने को मिला। रात को हुई बरसात से शहर में जगह-जगह पानी भर गया।
पुराना बस स्टैंड, भूतेश्वर के अलावा गोवर्धन चौराहा ,मंडी आदि स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई। सड़कों पर कई स्थानों पर सुबह तक पानी नहीं निकल सका। लिहाजा राहगीरों को काफी मुश्किलों को सामना करना पड़ा। जहां-जहां निगम ने नालों आदि की सिल्ट सड़क पर डाल रखी है वह सिल्ट बरसात में बह गई और सड़क पर गंदगी और बढ़ गई।
देहात मेें हुई बरसात से किसानों मेें राहत देखी गई। गेहूं जौ, आलू आदि खेती के लिए बरसात से फायदा होने की उम्मीद बढ़ गई। उपकृषि निदेशक धुरंधर कुमार का कहना है कि इस बरसात से सरसों की कुछ फसल को छोड़कर अन्य सभी को फायदा होगा। फसल को लेकर किसानों में खुशी दिखी।