एटा। हाड़ कंपा देने वाली ठंड ने हर किसी का जीना मुहाल कर दिया है। गरीब और बेसहारा लोगों को ठंड से बचाने के लिए अलाव ही एक सहारा होती है। नगर पालिका की ओर से शहर में आठ स्थानों पर अलाव जलाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन आधी जगहों पर कागजों पर अलाव जल रहे हैं। लकड़ी और संसाधनों का टोटा राहगीरों और बेसहाराओं के लिए आफत का सबब बन रहा है। गुरुवार रात को अमर उजाला ने अलाव स्थलों की लाइव कवरेज की, तो हकीकत सामने आ गई।
सीन-1 : गोदाम चौकी चौराहा: खत्म हो गई लकड़ी
गुरुवार रात 9:30 बजे बजे। गोदाम चौकी चौराहे पर अलाव के पास दो हथठेल संचालक खड़े हुए थे। बोले कि अलाव तो जल रहा है, लेकिन यह रातभर को नहीं होगा। पालिका से लकड़ी कम आ रही है।
सीन-2 : अलीगंज तिराहा: अलाव का नहीं नामोनिशान
रात 9:45 बजे। अलीगंज तिराहे के पास अलाव जलाने का नामोनिशान ही नहीं था। अलाव स्थल के आसपास बैठे तीन राहगीर लकड़ी आने का इंतजार कर रहे थे। राहगीरों ने बताया कि अलाव कभी-कभी जलता है, लेकिन लकड़ी कम आती है।
सीन-3 : कोतवाली के सामने: लकड़ी ही नहीं
रात 9:55 बजे। कोतवाली के सामने जलने वाली अलाव पर भी लकड़ी नहीं थी। कुछ राहगीर और रिक्शे वाले इंतजार में खड़े थे। उन्होंने बताया कि अलाव एक दिन छोड़कर जलता है। जो लकड़ी पालिका की तरफ से आती है, वह राहत देने के लिए मुफीद नहीं है।
सीन-4 : बस स्टैंड: अलाव नहीं दे सकी राहत
रात 10:05 बजे। रोडवेज बस स्टैंड पर अलाव का आलम कुछ अलग ही था। रैन बसेरे के बाहर जल रही अलाव के पास छह-सात यात्री और राहगीर खड़े हुए थे। मगर यहां भी अलाव अपने अंतिम दौर में थी। राहगीरों ने कहा कि अलाव की गर्मी कम है।
अलाव के लिए चिह्नित क्षेत्र
अलीगंज तिराहा, कोतवाली के सामने, घंटाघर चौराहा, बस स्टैंड, जनता दुर्गा मंदिर चौराहा, नन्नूमल चौराहा, प्रेमनगर चौराहा, आगरा रोड तिराहा, एटा महोत्सव पुलिस चौकी।
कहते हैं आंकड़े
08 स्थानों अलाव जलवाने का दावा
2.5 क्विंटल लकड़ी जलती है रोज अलाव में
06 लकड़ियां रखी जाती हैं एक अलाव पर
30 किलो लकड़ी जलाने का पालिका का दावा
100 क्विंटल लकड़ी जलाने का मिला लक्ष्य
97 क्विंटल लकड़ी जल चुकी है अब तक
03 क्विंटल लकड़ी पालिका के स्टॉक बुक में शेष
लोग कहते हैं
हमारे गोदाम चौकी तिराहे पर अलाव पर लकड़ी कम आती है। जो एक घंटे में ही खत्म हो जाती है। पालिका की ओर से कोई राहत नहीं है। - वीरेंद्र वार्ष्णेय
कोतवाली के सामने पिछले पांच दिन से अलाव जला ही नहीं है। टायर और ट्यूब ले जाते हैं, मगर अलाव जलता नहीं है। - राजेश
अलीगंज तिराहे पर तो पिछले 10 दिन से अलाव जलाया ही नहीं गया है। लोग ठंड में ठिठुरते रहते हैं। पालिका की ओर से कोई कवायद नहीं हो रही। - दीपक
एटा महोत्सव में कोई अलाव जलती नजर नहीं आती। लोग ठंड में महोत्सव में घूमते रहते हैं। लोगों को कोई राहत नहीं मिल रही है। - अजय यादव
इनका कहना है
अलाव लगातार जल रहे हैं। लकड़ी कम है, तो उसे बढ़वा दिया जाएगा। लोगों को ठंड से राहत दिलाने के लिए पालिका कर्मचारी अलाव जलाने में जुटे हैं।
नंदलाल वर्मा, ईओ और एएसडीएम
अलीगंज में भी नहीं जल रहे अलाव
अलीगंज। तहसील प्रशासन की तरफ से नगर में अलाव नहीं जलवाये जा रह हैं। इसके चलते ठंड में राहगीरों को परेशानी हो रही है। जबकि शासन द्वारा सर्दी से पहले ही अलाव के लिए धन तहसीलों के लिए आवंटन कर दिया गया है। रात में रिक्शा चालकों सबसे ज्यादा मुश्किल का सामना करना पड़ता है। रिक्शा चालक कूड़ा करकट इकट्ठा करके जलाते हैं और ठंड से राहत पाते हैं।