फिरोजाबाद। प्रदेश सरकार ने सूफी एवं जैन सर्किट में फिरोजाबाद भी शामिल किया है। टूरिस्ट सर्किटों में निवेश करने की एक बार फिर से संभावनाएं जाग गई हैं। निवेश करने पर सरकार की ओर से वित्तीय सहायता और छूट प्रदान की जाएगी। वहीं, इन क्षेत्रों में विकास भी बढ़ेगा। जैन एवं मुस्लिम समाज ने योगी सरकार के इस फैसले पर हर्ष जाहिर किया है।
सूफी सर्किट में दरगाह सूफी शाह को शामिल किया है। वहीं जैन सर्किट में एतिहासिक चंद्रवाड़ जैन मंदिर एवं उत्तर भारत की सुप्रसिद्ध बाहुबली की प्रतिमा ( श्रीछदामीलाल जैन मंदिर) को शामिल किया है। सरकार इन क्षेत्रों में होटल, रेस्तरां, रिसोर्ट, पर्यटन, एम्युजमेंट पार्क आदि में निवेश करने पर सरकार वित्तीय सहायता देगी। साथ ही इन क्षेत्रों के विकास के लिए तमाम योजनाएं शुरु होंगी। इन्हें सर्किट में शामिल करने के लिए लंबे समय से प्रयास चल रहे थे। योगी कैबिनेट की मंजूरी मिलने बाद खुशी की लहर दौड़ पड़ी।
- ऐतिहासिक चंद्रवाड़ को सर्टिक में शामिल करने के दिगंबर जैन संघर्ष समिति के माध्यम से ज्ञापन भेजे गए थे। अब सफलता हासिल की है। ऐतिहासिक स्थल के विकास की संभावनाएं जागी है।
कुलदीप मित्तल जैन एडवोकेट
- चार साल से लगातार प्रयास कर रहे थे। जैन सर्किट बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। इससे पहले तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव को भी यह प्रस्ताव दिया था। योगी सरकार ने मंजूरी दे दी है, मुस्लिम, जैन समाज के लिए खुशी की बात है।
नीतेश अग्रवाल जैन
- ऐतिहासिक धरोहरों कीे लगाताए अपेक्षाएं की जा रही थी। लोग ऐसी स्थानों के बारे में नहीं जानते थे। मगर सूफीशाह दरगाह को सर्किट हाउस से जोड़ा जाए तो यह खुशी की बात है। लोग दूर-दराज से आएंगे और क्षेत्र का विकास बढ़ेगा। एतिहासिक इमारतों का रखरखाव भी होगा।
आलम मुस्तफा याकूबी
हजारों वर्ष पुराना है चंद्रवाड़ का इतिहास
- चंद्रवाड जैन तीर्थ क्षेत्र है। यहां लगभग 1600 वर्ष पुरानी पद्मासन मुद्रा में पारसनाथ भगवान की वेशकीमती मूर्ति मिल चुकी है। चंद्रवाड़ क्षेत्र में मिली जैन मूर्तियों की संख्या असंख्य है, लेकिन स्थानीय चंद्रप्रभु मंदिर में विराजमान स्फटिक मणि से निर्मित भगवान चंद्रप्रभु की प्रतिमा भी यहीं मिली थी। इसके अतिरिक्त यहां काले पाषाण से निर्मित भगवान नेमीनाथ की प्रतिमा भी अतिशय क्षेत्र चंद्रवाड़ की कोख से निकली। यहां कई बार पर्यटन विभाग की टीम ने सर्वे किया था। सूफीशाह की दरगाह का इतिहास भी पुराना है। पूरे देश से जायरीन यहां आते हैं।
उत्तर भारत की विशाल भगवान बाहुबलि की प्रतिमा
फिरोजाबाद। छदामीलाल जैन मंदिर में लगी बाहुबलि भगवान की प्रतिमा उत्तर भारत की विशाल प्रतिमा है। करीब 45 फुट ऊंची इस प्रतिमा के दर्शन करने के लिए लोग दूर-दराज से आते हैं।