मथुरा। एक नवंबर से बिजली थाना अस्तित्व में आ जाएगा। बिजली चोरी को पुलिस की मदद लेने और रिपोर्ट दर्ज कराने को बिजलीकर्मी अलग-अलग थानों के चक्कर नहीं काटेंगे। बिजली चोरी रोकने और थाने संचालित कराने को लेकर मुख्य सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग कर अफसरों को निर्देश दिए।
बिजली चोरी रोकने के लिए योगी सरकार बिजली थाने बनाने के लिए एक साल से कवायद कर रही है, लेकिन अब तक बिजली थाने अस्तित्व में नहीं आए हैं। ऊर्जा मंत्री के गृह जनपद में अब तक बिजली थाना बनाने को स्थान तक चयनित नहीं हो सका है। बिजली चोरी रोकने को होने वाली छापेमारी के लिए पुलिस को साथ लेने को अफसरों को थाने के चक्कर लगाने पड़ते हैं, वहीं तीन तीन दिनों तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की जाती।
इसे लेकर बुधवार को मुख्य सचिव अनूप चंद पांडेय की वीडियो कांफ्रेंसिंग में बिजली अफसरों ने हकीकत बताई तो डीएम, एसएसपी से एक नवंबर को बिजली थाने अस्तित्व में लाने के निर्देश दिए। एसई देहात विनोद कुमार गंगवार ने बताया कि एक नवंबर से बिजली थाने अस्तित्व में लाने को कहा है। बिजली थाना बन जाने से बिजली चोरों के खिलाफ प्रभावी तरीके से कार्रवाई हो सकेगी।