सीएचसी औंछा में निरीक्ष्ाण्ा करते सीएमअाे।
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मैनपुरी। जिला संक्रामक बीमारियों की चपेट में है। अब तक 51 मरीजों की बुखार, डायरिया और सांस से पीड़ित होने पर मौत हो चुकी है। जिला अस्पताल में सैकड़ों की संख्या में मरीज हररोज पहुंच रहे हैं। वहीं ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल पड़ी हुए हैं। पीएचसी और सीएचसी पर डॉक्टर समय से नहीं पहुंच रहे हैं। औंछा सीएचसी में सीएमओ के निरीक्षण से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुल गई। निरीक्षण के समय केंद्र पर मात्र फार्मासिस्ट रमेश चंद्र यादव मौजूद मिले। अन्य सारा स्टाफ गायब था।
शुक्रवार को औंछा पीएचसी बंद होने के कारण गांव नगला पीपल निवासी रुचि देवी का प्रसव साथ आईं महिलाओं को अस्पताल गेट पर ही करना पड़ा। मामले को जिले के आलाधिकारियों ने गंभीरता से लिया। सीएमओ को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र औंछा के निरीक्षण के समय एक मात्र रमेश चंद्र यादव फार्मासिस्ट उपस्थित मिले। जबकि चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर पवन वर्मा सहित सभी स्टाफ बिना सूचना के अनुपस्थित था। चिकित्सा अधीक्षक से सीएमओ ने दूरभाष पर वार्ता की, लेकिन वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
अस्पताल में कार्यरत डॉ. राजदीप और डॉ. राहुल आनंद 31 जुलाई 2018 से लगातार अनुपस्थित मिले। दोनों का अनुपस्थित तिथि से अग्रिम आदेशों तक वेतन रोकने के निर्देश जारी किए। चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर पवन वर्मा 20 व 21 सितंबर को बिना पूर्व के सूचना के अनपुस्थित रहे हैं। अत: उक्त तिथियों में उनका वेतन रोकने एवं उनकी सेवा पुस्तिका में प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज किए जाने के सीएमओ ने निर्देश दिए।
ये भी मिले अनुपस्थित
निरीक्षण के दौरान प्रसव आदि कार्यों के लिए नियुक्ति संविदा नर्स निशा कुमारी एवं सौरभ सिंह भी निरीक्षण के समय अनुपस्थित पाए गये। इनकी नियोक्त सेवा प्रदाता अवनि परिधि लखनऊ द्वारा दोनों संविदा कर्मियों के स्थान पर अन्य योग्य कार्मिकों को नियुक्त कर भेजे जाने के लिए लिखा गया है। निरीक्षण के समय शोभा देवी एएनएम 10 सितंबर से निरंतर अनुपस्थित मिलीं। जांच कर निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए। सुरेश चंद्र वार्ड व्वाय, संतोष कुमार डार्करूम सहायक, सौरभ त्रिपाठी नेत्र परीक्षण अधिकारी भी अनुपस्थित पाए गए। इनका वेतन रोकते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। चौकीदार मिथलेश कुमार मासिक वेतन स्थगित करने के निर्देश दिए।