कासगंज। गंगा के जलस्तर में पिछले 2 दिन से वृद्धि जारी है। गुरुवार को गंगा के जलस्तर में 50 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। शुक्रवार को भी जलस्तर में वृद्धि हो सकती है। इसके बाद जलस्तर में कमी आना शुरू हो जाएगी। 3 दिन पूर्व हरिद्वार से छोड़ा गया पानी जिले से पास हो जाएगा। सिंचाई विभाग ने जलस्तर रिकॉर्ड कराया। बुधवार के मुकाबले गुरुवार को गंगा के जलस्तर में 50 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई। बुधवार को यह गेज 162 के निशान पर था। बुधवार की सायं नरौरा से पानी का डिस्चार्ज 32760 क्यूसेक पर था जो गुरुवार की सुबह 63461 क्यूसेक पर आ गया। चूंकि हरिद्वार बैराज से पानी का डिस्चार्ज तीन दिन पूर्व 1 लाख क्यूसेक से अधिक का था। वह घटकर अब 39181 क्यूसेक पर आ गया है। ऐसी स्थिति में बाढ़ आपदा का तो कोई खतरा नहीं है। जो बढ़ा हुआ जलस्तर है इसमें भी कमी होना शुरू हो जाएगी, लेकिन गंगा में हरिद्वार पर दवाब बढने पर कभी भी जलस्तर में इजाफा संभव है। ऐसी स्थिति में सिंचाई विभाग पूरी सक्रियता बरत रहा है। पूरे दिन में तीन बार जलस्तर मापा जा रहा है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष भी संचालित है। सहायक अभियंता एके सिंह बाढ़ नियंत्रण कक्ष से सारी सूचनाएं जारी कर रहे हैं। सिंचाई विभाग के द्वारा कादरगंज इलाके में कटान की स्थिति को देखते हुए कटानरोधी कार्य कराए गए हैं, लेकिन अभी भी गंगा के किनारों पर कई जगह कटान शुरू हुआ है, लेकिन अभी खतरे के हालात नहीं हैं।
- जिले में बाढ़ के अभी कोई हालात नहीं हैं। पूरी निगरानी जलस्तर की कराई जा रही है। कटानरोधी कार्य संचालित हैं। सिंचाई विभाग और तहसील प्रशासन को कड़ी निगरानी के निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
- राकेश कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी