कासगंज/एटा। अब किसान के सामने अपनी फसलों की सिंचाई का संकट नहीं रहेगा। नहरों के प्रबंधन की जिम्मेदारी किसान के हाथों में सौंपने की तैयारी हो गई हैं। इसके लिए बाकायदा ग्रामीण क्षेत्रों में चुनाव के माध्यम से समितियों का गठन होगा। 18 वर्ष से अधिक आयु के करीब 2.5 लाख किसान एवं उनके परिवार के सदस्य अपने मताधिकार का प्रयोग करके समितियों का चुनाव करेंगे।
जिले में 459.01 किमी क्षेत्रपाल में नहरों, रजबहों का जाल फैला है। नहरों से किसान को पानी देने के लिए 1090 कुलावे बने हुए हैं। इसके बाद भी किसानों के सामने सिंचाई का संकट रहता है। किसान की आए दिन की समस्सा का समाधान करने के लिए शासन ने सहभागी सिंचाई प्रबंधन लागू किया है। इसके तहत अब ग्रामीण क्षेत्रों में समितियों का चुनाव होगा। यह समितियां सिंचाई विभाग में रजिस्टर्ड हो जाएंगी।
नहरों के मेंटीनेंस, सफाई, आपासी वसूली, टेल तक पानी पहुंचने की स्थिति आदि सभी कार्य इन समितियों के हाथ में रहेगा। शासन से मिले निर्देश के बाद सिंचाई विभाग ने नहरों के प्रबंधन की जिम्मेदारी किसान को सौंपने के लिए तैयारियां शुरू कर दी है।
पांच प्रकार की बनेंगी समितियां्र
कासगंज। सहभागी सिंचाई प्रबंधन में पांच प्रकार की समितियां बनाई जाएंगी। जिले जनपद में 1090 कुलावा समिति, 33 अल्पिका समिति, 14 रजबहा समिति, एक शाखा समिति तथा एक परियोजना समिति बनेगी। प्रत्येक समिति में 6 सदस्य शामिल रहेंगे। प्रत्येक समिति का 6 साल का कार्यकाल रहेगा। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता इन समितियों का रजिस्टे्रशन करेंगे।
इस तरह चलेगी चुनाव प्रकिया
कासगंज। सहभागी सिंचाई प्रबंधन में गठित होने वाली समितियों के लिए अध्यक्ष का चुनाव होगा। अध्यक्ष को पांच सदस्यों को चुनने का अधिकार होगा। कुलावा समिति का अध्यक्ष अल्पिका समिति का सदस्य रहेगा। इसी तरह से अल्पिका समिति का अध्यक्ष रजबहा समिति का सदस्य होगा। समितियों में शामिल होने वाले सदस्यों में नहर, रजवाहा के हैड, टेल, मघ्यिका के प्रतिनिधित्व का ध्यान रखा जाएगा।
सहभागी सिंचाई प्रबंधन के तहत समितियों के चुनाव के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। पहलेे कुलावा, अल्पिका एवं रजवाहा समिति का चुनाव होगा। मतदाताओं की अनतिंम सूची तैयार हो गई है। इस पर दावे आपत्ति मांगी जा रही हैं। दावे आपत्ति के बाद इनका निस्तारण कर अंतिम सूची का प्रकाशन कर दिया जाएगा। इसके बाद चुनाव कराकर समितियों का गठन हो जाएगा।
कमलेश कुमार अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग
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सिंचाई के कुलाबे किसानों के हवाले
एटा।
जिले में लगभग 450 कुलाबे हैं, प्रत्येक कुलाबे पर एक समिति गठित की जाएगी। समिति में कुलाबे से सिंचाई करने वाले किसान सदस्य (वोटर) होंगे। इनमें से ही एक अध्यक्ष चुना जाएगा। अध्यक्ष की निगरानी में किसानों को सिंचाई करनी होगी। प्रत्येक कुलाबे से सिंचाई करने वाले किसानों की वोटर लिस्ट बनाने का कार्य सिंचाई विभाग द्वारा किया जा रहा है। समिति का चुनाव वर्ष 2018 के अंत तक कराकर सिंचाई विभाग कुलाबों को किसानों के हवाले कर देगा।
शासन से किसान समिति गठित कर कुलाबों को किसानों के हवाले करने के निर्देश मिले हैं। प्रत्येक कुलाबे पर समिति का चयन होगा। जिसके लिए वोटर लिस्ट तैयार की जा रही है। वर्ष के अंत तक चुनाव कराकर सिंचाई व्यवस्था किसानों के हवाले कर दी जाएगी।
अजय भारती, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग