फिरोजाबाद। सुहागनगरी में दूसरे दिन भी राष्ट्रीयकृत बैंकों में कामबंद हड़ताल होने से दो दिन में करीब 400-450 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हो गया। बैंकों में क्लीयरेंस हाउस नहीं लगने से 35-40 करोड़ के चेक क्लीयरेंस में फंस गए। हड़ताल से उद्यमी और व्यापारियों की परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि प्राइवेट बैंक खुलने से व्यापारियों को कुछ जरूर मिली।
राष्ट्रीय संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान बैंक अफसर दूसरे दिन भी कामबंद हड़ताल पर रहे। बाईपास स्थित बैंक ऑफ इंडिया मुख्य शाखा पर एकत्र बैंक अफसरों ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। स्टेट बैंक ऑफीसर्स एसोसिएशन के क्षेत्रीय सचिव अमित जैन ने कहा कि बैंक कर्मियों ने सरकारी योजनाओं को सफलता के साथ पूरा किया, लेकिन वेतनवृद्धि के नाम पर मात्र दो प्रतिशत का प्रस्ताव निदंनीय है।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ एसोसिएशन के क्षेत्रीय सचिव डा. वीके जैन ने कहा सरकार कारपोरेट क्षेत्र के ऋण माफ कर रही है, लेकिन वेतनवृद्धि नहीं कर रही। पंजाब नेशनल बैंक के अरविंद यादव और धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि सरकार ने सांसद और विधायकों का वेतन तीन गुना बढ़ा दिया, लेकिन बैंक कर्मियों के साथ वेतनवृद्धि के नाम पर मजाक कर रही है। ओरिएंटल बैंक के विनोद बाबू, सेंट्रल बैंक के आरसी शर्मा ने कहा कि एनपीए वसूली के कड़े नियम बनाए जाएं।
यूपी बैंक इंपलाइज यूनियन के जिला सचिव अशोक माहेश्वरी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने नोटबंदी के समय बैंक कर्मियों के योगदान को सराहा था, लेकिन वेतनवृद्धि के नाम पर अपमानित किया। हड़ताल की सफलता पर अध्यक्ष महेश गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापित किया। आरपी शर्मा, आरएस गौतम, एसके खंडेलवाल, मनोज जैन, आकांक्षा, मतलूब अली, एचएल गौतम, सुधीर जैन, रमेशचंद्र, एसपी शर्मा, विक्रम सिंह, आरिफ खान, विश्व बंधु गुप्ता, लाला बाबू वाष्र्णेय, दलवीर सिंह, डीडी पांडे, मयंक श्रीवास्तव, कमल सिंह मौजूद रहे।
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