मथुरा। अब किसानों को मौसम और इलाके की मिट्टी के अनुरूप उन्नत किस्म के बीज बोने और मिट्टी में कौन सी और कितनी खाद डालनी है यह जानकारी दी जाएगी। किसानों को समय के अनुसार उन्नत बीज बोने और बेहतर खाद के बारे में बताया जाएगा। इसके तहत भूमि शोधन, बीज शोधन योजना में 50 गांव चयनित किए गए हैं।
आमतौर पर किसान पारंपरिक तरीके से खेती करते चले आ रहे हैं। इसमें वह बिना मिट्टी की जांच कराए डीएपी, यूरिया व कीट नाशक रसायन और अन्य सप्लीमेंट का प्रयोग करते हैं। इससे मिट्टी के पोषक तत्वों का संतुलन गड़बड़ा जाता है और बेहतर फसल नहीं हो पाती।
इसे रोकने को प्रदेश सरकार द्वारा बीज शोधन, भूमि शोधन योजना के तहत गांवों में किसानों को इलाके की मिट्टी की जांच कराकर उस इलाके के मौसम, पानी की गुणवत्ता और उस इलाके में बेहतर उपज देने वाले बीज के बारे में जानकारी दी जाएगी।
कृषि रक्षा अधिकारी डा. यतेंद्र सिंह ने बताया कि बीज शोधन भूमि शोधन योजना के तहत हर ब्लाक से पांच-पांच गांव को चयनित किए गए हैं। कुल 50 गांव चयनित किए गए हैं। इसमें सोइल हेल्थ कार्ड बनाकर व बेहतर बीज की जानकारी देने को गांवों में कैंप लगाए जा रहे हैं। इसी योजना के तहत गांव बंबूरी में कैंप लगाया गया।