मैनपुरी। विकास भवन में कार्यरत 26 कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोका गया है। यह सभी कर्मचारी शुक्रवार को एडीएम और शनिवार को एसडीएम के निरीक्षण के दौरान गैरहाजिर मिले थे। डीएम ने सभी कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। जिले में कर्मचारी और अधिकारी मनमानी से बाज नहीं आते हैं। आलम यह है कि ज्यादातर कर्मचारी कार्यालयों से गायब रहते हैं। इसका प्रमाण शुक्रवार और शनिवार को निरीक्षण के दौरान देखने को मिला। एडीएम बी राम ने शुक्रवार को विकास भवन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान 32 कर्मचारी गैरहाजिर मिले। इन सभी कर्मचारियों की सूची बनाकर डीएम और कमिश्रर को भेजी गई। वहीं शनिवार को एसडीएम अशोक कुमार ने भी विकास भवन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें भी तीन कर्मचारी अनुपस्थित मिले। डीएम ने 26 कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोके जाने के निर्देश दिए हैं।
विकास भवन में दो दिन में हुए निरीक्षण के दौरान कुल 35 कर्मचारी गैरहाजिर मिले। डीएम ने सिर्फ 26 कर्मचारियों का वेतन रोके जाने के निर्देश दिए हैं। विकास भवन में सभी अधिकारियों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है। विकास भवन में निरीक्षण के दौरान जिला विकास अधिकारी कार्यालय के उर्दू अनुवादक सलीम मोहम्मद, परियोजना निदेशक डीआरडीए के अन्वेषक तकनीकी रामवीर सिंह भदौरिया, लेखाकार नरेंद्र कुमार वर्मा, कनिष्ठ सहायक महेंद्र कुमार, जिला युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी कनिष्ठ सहायक धर्मवीर सिंह, अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के वरिष्ठ सहायक ललित मोहन, दुर्ग सिंह तोमर, कनिष्ठ सहायक सुभाष तोमर, पत्रवाहक शिवराज सिंह, पुष्पा देवी, खेलकुमारी का वेतन रोका गया है।
इस तरह सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंध सहकारी समितियां एडीसीओ वीरेंद्र कुमार, सुरेश बाबू सागर, लेखाकार अनिल कुमार गुप्ता, संग्रह लिपिक सतेंद्र दुबे, जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में डीपीसी नीरज शर्मा, राजकुमार, डीपीएम अजय विक्रम, सीओ एसवीएम किरन राठौर, मोहिनी भटनागर, एओ पीएम शंशाक यादव, पीपीओ कार्यालय में वरिष्ठ सहायक रोहित कृष्ण मौर्य, कनिष्ठ सहायक अजय कुमार, लघु सिंचाई में कनिष्ठ सहायक संगीता चौहान, जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में जीप चालक मुनेंद्र कुमार, जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में वरिष्ठ सहायक जितेंद्र कुमार का वेतन रोका गया है।