जिले की ग्राम पंचायतों में बीते वर्ष में हुए खर्चों और विकास कार्यों का हिसाब किताब देने से गांव की सरकारें बचती नजर आ रही हैं। अब तक खर्च का विवरण विभाग को सौंपा ही नहीं हैं। कई बार नोटिस और निर्देशों के बाद जिले की 257 ग्राम पंचायतें आडिट से बच रही हैं।
किसी भी ग्राम पंचायत ने वर्ष 2014 से ग्राम निधि खाते और अपने अभिलेखों का ऑडिट ही नहीं कराया है। रिपोर्ट देख विभाग मेें भी खलबली मच गई। इसके साथ ही जिले की ग्राम पंचायतों में हुए घोटालों की परतें खुलनी शुरू हो गईं। विभाग ने फिर शासन के सख्त निर्देशों के बाद आडिट पर जोर दिया, तो महज 212 ग्राम पंचायतों ने पहले चरण में आडिट करा लिया।
इसके बाद फिर से जब नोटिस जारी होने की कार्रवाई हुई तो 107 ग्राम पंचायतों ने आडिट कराकर अपना कोरम पूरा किया, लेकिन जिले में आज भी 257 ग्राम पंचायतों ने अपने खर्च का हिसाब किताब नहीं दिया है। इनमें कई ग्राम पंचायतें तो ऐसी हैं, जिन्होंने वर्ष 2011 से ऑडिट कराया ही नहीं है। ऐसे में साफ है कि प्रधान और सचिव आडिट कराने में रुचि नहीं ले रहे हैं, क्योंकि आडिट के बाद उनके गोलमालों की पोल खुलना तय है। अब विभाग ने फिर से सख्ती करते हुए शेष ग्राम पंचायतों को आडिट कराने के निर्देश दिए हैं।
जिले में वर्ष 2015-16 तक का ऑडिट कराने वाली 212 ग्राम पंचायतों को शासन ने पांच फीसदी आडिट अनुशासन के रूप में अनुदान दिया है। जिले में ग्राम पंचायतों को 189.77 और क्षेत्र पंचायतों को 77.25 लाख का अनुदान दिया है।
अलीगंज में कोई ऑडिट नहीं
जिले में अलीगंज ब्लॉक में एक भी ग्राम पंचायत को आडिट अनुशासन का लाभ नहीं मिल सका है। यहां किसी भी ग्राम पंचायत ने अब तक आडिट नहीं कराया है। जबकि जैथरा में महज दो ग्राम पंचायतें इसका लाभ ले सकी हैं।
ये है आडिट अनुशासन की स्थिति
ब्लॉक कुल ग्राम पंचायतें आडिट
सकीट 92 72
शीतलपुर 83 13
मारहरा 59 41
निधौलीकलां 71 33
जलेसर 57 25
अवागढ़ 54 26
जैथरा 67 02
अलीगंज 93 00
कुछ ग्राम पंचायतों ने अब तक ऑडिट नहीं कराया है। इसके लिए निर्देश दिए हैं। अगर ग्राम पंचायतें आडिट नहीं कराती हैं, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- धनंजय जायसवाल, डीपीआरओ
ये हैं आंकड़े
576 ग्राम पंचायतें हैं जिले में
319 ग्राम पंचायतों ने कराया आडिट
212 ग्राम पंचायतों को मिला आडिट अनुशासन
08 क्षेत्र पंचायतों को दिया गया लाभ