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अपनों को खोने का गम नहीं सह सका जयप्रकाश, सदमे से मौत

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बरनाहल। अपनों को खोने का गम गांव गढ़िया भदौल निवासी युवक नहीं सह सका। आखिरी सांस तक वह दो माह पूर्व लापता हुई बहन, भाई, भांजे और भांजी का ही इंतजार करता रहा। आखिरकार इस सदमे ने उसकी सांसें ही थाम दीं। हादसे के बाद घर में कोहराम मचा हुआ है।
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थाना क्षेत्र के गांव गढ़िया भदौल निवासी रतन सिंह की पुत्री ओमशांति काफी समय से मायके में रह रही थी। 31 जनवरी को वह घर से मौसा सुघर सिंह निवासी लखनपुर थाना नसीरपुर जनपद फिरोजाबाद के पास जाने के लिए निकली थी। वहां उसे शनि मंदिर में घंटा चढ़ाना था।

ओमशांति अपने साथ छोटे भाई मनोज (16) और पुत्री निधी (पांच) और आयुषी डेढ़ वर्ष, पुत्र आयुष (तीन) को लेकर चंदीकरा चौराहा से बस में बैठकर चली गई थी। तीन दिन बाद पता चला कि ओमशांति फिरोजाबाद नहीं पहुंचीं। काफी तलाश के बाद जब कोई पता नहीं लगा तो पिता रतन सिंह ने बरनाहल थाने में पुत्री, पुत्र और धेवता-धेवती की गुमशुदी दर्ज कराई। थाना पुलिस ने सर्विलांस की मदद से एक आरोपी सौरभ उर्फ पुल्ली निवासी गांव वास्तेपुर थाना लाइनपार जनपद फिरोजाबाद को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में मनेाज निवासी गांव गढ़सान थाना नगला खंगर जिला फिरोजाबाद का नाम सामने आया था।
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मनोज की गिरफ्तारी के बाद उसने ओमशांति व बच्चों के सूरत में होने की जानकारी दी थी। पुलिस 18 मार्च को ट्रेन से सूरत गई लेकिन रास्ते में आरोपी भाग गए। दो माह का समय बीतने के बाद भी बहन, भाई और भांजे-भांजी का पता न लगने से जयप्रकाश अवसाद ग्रस्त हो गया था। इसी सदमे के चलते रविवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। उसकी मौत के साथ ही अपनों के मिलने की उम्मीद भी उसी के साथ चली गई।

पांच वर्ष पूर्व पत्नी की भी सदमे से हुई थी मौत
बरनाहल। मृतक जयप्रकाश के दो पुत्रों की मौत का सदमा उसकी पत्नी रिषी बर्दाश्त नहीं कर सकी थी। पांच वर्ष पूर्व उसकी सदमे से मौत हो गई थी। पत्नी व बच्चों को खोने के बाद अब बहन, भाई और भांजे-भांजी को हमेशा के लिए खोने का सदमा जयप्रकाश की भी जान ले गया।
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