एटा। नगर में सालों से अटके पड़े सीवर लाइन प्रोजेक्ट के निर्माण का काम शुरू हो चुका है। 223 करोड़ की लागत से बन रहे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के तहत पाइप लाइन डालने का काम शुरू हो गया। जलनिगम ने शहर को चार जोन मेें बांटते हुए तीन चरणों में काम कराने की तैयारी की है। पहले चरण में मानपुर स्थित मेन पपिंग स्टेशन से 27 किमी. पाइप लाइन डाली जाएगी।
नगर को जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के सबसे महत्वपूर्ण सीवर लाइन प्रोजेक्ट का काम शुरू हो चुका है। नोएडा की टेक्नोक्राफ्ट कंपनी ने मानपुर स्थित मेन पंपिंग स्टेशन पर बाउंड्रीवाल होने के बाद नगर में पाइप लाइन डालने का काम शुरू कर दिया है। जलनिगम के अधिकारियों के मुताबिक प्रोजेक्ट के तहत तीन चरणों में काम किया जाएगा।
पहले चरण में 24 एमएलडी क्षमता वाले मुख्य पंपिंग स्टेशन पर काम शुरू हो चुका है। इसके तहत 27 किमी. लंबी पाइप लाइन डाली जाएगी। जिस पर 106 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। साथ ही 2772 घरों को सीवरेज कनेक्शन दिए जाएंगे। परियोजना के तहत मेन पंपिंग स्टेशन मानपुर को जीटी रोड से जोड़ने के लिए पाइप लाइन डाली जा रही है। इसके लिए आठ फुट गहराई में 1400 मीटर वाले पाइप डाले जा रहे हैं।
परियोजना के तहत पहले चरण में जोन थ्री में काम होगा। इसके तहत जीटी रोड, अलीगंज रोड, आवास विकास, घंटाघर, शिकोहाबाद रोड, सकीट रोड के मोहल्ले शामिल किए गए हैं। परियोजना में जोन चार में दूसरे चरण में काम होगा। जिसमें 53.96 करोड़ रुपये के खर्च के साथ 35.51 किमी लाइन डाली जाएगी। जिसमें सिविल लाइंस, गांधी मार्केट, आगरा रोड के क्षेत्रों मेें 3624 परिवारों को सीवर कनेक्शन दिए जाएंगे।
तीसरे चरण में जुड़ेंगे 13 हजार मकान
परियोजना में तीसरे चरण में जोन वन और जोन टू में काम होगा। जिसमें 55.01 किमी लाइन डाली जाएगी। साथ ही 68.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस दौरान नगर के रेलवे रोड, शांतिनगर, ठंडी सड़क, कटरा मोहल्ला, शृंगार नगर, निधौली रोड के 13 हजार परिवार जुड़ेंगे।
2020 तक पूरा होगा प्रोजेक्ट
सीवर लाइन का काम कार्यदायी संस्था को वर्ष 2020 तक पूरा करना है। इसके लिए शहर में 5.96 एमएलडी से ज्यादा क्षमता वाले चार इंटर कनेक्ट पपिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। कार्यदायी संस्था के इंजीनियरों और मजदूरों ने परियोजना स्थल पर डेरा डाल दिया है।
अपशिष्ट पदार्थों से बनेगी जैविक खाद
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में पहुंचने वाले अपशिष्ट को शोधित करके जैविक खाद तैयार की जाएगी। इसके जल को खेतों और जवाहर तापीय परियोजना को दिया जाएगा। साथ ही अपशिष्ट से जैविक खाद का निर्माण होगा।
223 करोड़ की लागत से बन रहा प्रोजेक्ट
02 हेक्टेयर में बनाया गया मैन पपिंग स्टेशन करोड़ रुपये खर्च होंगे पहले चरण में 27 किमी लाइन डाली जाएगी पहले चरण मेें 08 फीट गहराई मेें डाले जा रहे पाइप 1400 मीटर व्यास का है आरसीसी पाइप
कार्यदायी संस्था ने सीवर लाइन का काम शुरू कर दिया है। जल्द ही शहर में खुदाई का काम शुरू होगा। इसके लिए शहरवासियों के सहयोग की जरूरत है। यह शहर के लिए बड़ी परियोजना है।
एएस भाटी, अधिशासी अभियंता, जल निगम