मैनपुरी। वासंतिक (चैत्र) नवरात्र का शुभारंभ रविवार से हो गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने पहले दिन माता के प्रथम रूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की। साथ ही उन्हें चुनरी, नारियल, शृंगार का सामान, पुष्प चढ़ाकर कुशलता मांगी। इस दौरान नगर के प्रमुख मंदिरों को बेहतर ढंग से सजाया गया। गांव से लेकर शहर तक हर ओर लोगों में नवरात्र को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।
वासंतिक (चैत्र) नवरात्र हिंदू धर्म के अनुसार अपने में विशेष महत्व रखती है। इस वर्ष नवरात्र 18 से 25 मार्च तक चलेंगे। 25 मार्च को अष्टमी और नवमी दोनों पड़ रहे हैं। जनपद में नवरात्र की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया। नवरात्र को लेकर शनिवार को लोगों ने बाजारों में पहुंचकर माता के आभूषणों की खरीददारी की। जिले भर के माता के मंदिरों को बड़े अच्छे ढंग से सजाया गया। नगर का प्रसिद्ध शीतला देवी मंदिर प्रदेशभर के श्रद्धालुओं को अपनी तरफ आकर्षित कर रहा है।
मैनपुरी। नगर के शीतला देवी मंदिर पर सुरक्षा की दृष्टि से 11 स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त बड़ी संख्या में महिला पुलिस भी मंदिर परिसर में तैनाती की गई है। सिविल ड्रेस में भी महिला और पुरुष पुलिस के जवान मेले में भ्रमण करते रहेंगे।
शीतला देवी मंदिर की मान्यता
मैनपुरी। नगर का शीतला देवी मंदिर आजादी से पूर्व का निर्मित इस मंदिर की स्थापना वर्ष 1535 में चौहान वंश के 90वें राजा जगतमणि ने इस मंदिर का निर्माण कराया था। तब से यहां प्रतिवर्ष वासंतिक (चैत्र) नवरात्र में विशाल मेले का आयोजन होता है। यहां क्षेत्र से ही नहीं बल्कि प्रदेश और देश भर से लोग आकर मनौती मांगते हैं।