मैनपुरी। जल्द ही जिले के सभी स्कूलों में हालात बदले हुए नजर आएंगे। रात के समय में स्कूल दूधिया रोशनी से जगमग होंगे और दिन में बिजली न होने पर भी कंप्यूटर और पंखे चलेंगे। ये सब नेडा (अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग) के पायलट प्रोजेक्ट के तहत होगा। नेडा जीआईसी और जीजीआईसी विद्यालयों को चुना है, अगले एक हफ्ते में इन स्कूलों में सोलर प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
नेडा (अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग) द्वारा जीआईसी और जीजीआईसी विद्यालयों में इसका पायलट प्रोजेक्ट ट्रायल किया जा रहा है। योजना के तहत अभी दोनों विद्यालयों में बिजली फिटिंग कार्य चल रहा है। मौसम में बदलाव होते ही सोलर प्लांट लगाने का कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा। योजना के तहत स्कूलों में लगे बल्बों की जगह एलईडी, साधारण पंखों को बदलकर डीसी पंखे लगाए जाएंगे। साथ ही प्रधानाचार्य और लाइब्रेरी में चलने वाले कंप्यूटरों को भी जोड़ा जाएगा। इसके लिए स्कूलों में दो से पांच किलोवाट की क्षमता वाले सोलर प्लांट लगाए जाएंगे। वहीं,रात के वक्त समस्त स्कूल परिसर में अंधरे से निपटने के लिए प्रकाश की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके अलावा स्कूलों में आरओ वाटर लगाने का कार्य किया जाएगा।
इतना आएगा खर्चा
एक विद्यालय पर लगभग आठ लाख रुपये का खर्चा आएगा। दोनों विद्यालयों पर 16 लाख रुपये की लागत से सोलर प्लांट लगाए जाएंगे।
अभी पायलट योजना के तहत जीआईसी और जीजीआईसी विद्यालयों में योजना के तहत कार्य किया जा रहा है। योजना सफल होने पर बाकी स्कूलों में भी सोलर प्लांट लगाए जाएंगे।
संजय वर्मा, परियोजना अधिकारी नेडा