मथुरा। बकरियों में कृत्रिम गर्भाधान तकनीक को किसानों तक पहुंचाने की योजना शनिवार को उत्तर प्रदेश पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशुचिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय में शुरू हो गई। इसके तहत प्रदेश के 20 जिलों से आए 50 पशु चिकित्सकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ।
शुभारंभ अवसर पर विश्वविद्यालय के किसान भवन में आयोजित सेमिनार को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश पशु चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष व विधायक डॉ. डीसी वर्मा ने कहा कि ग्रामीण अंचल में रहने वाले गरीबों के लिए यह योजना बड़ी लाभकारी साबित होगी। इससे छोटे किसानों की आय बढे़गी तथा बकरी पालक को प्रोत्साहन मिलेगा।
विधायक पूरन प्रकाश ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य प्रत्येक वर्ग को आर्थिक रूप से मजबूत करना है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. केएमएल पाठक ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को सहायता पहुंचाना था। इसी के अनुरूप वेटरनेरी विवि पशुपालन विभाग के साथ मिलकर इस योजना की शुरूआत कर रहा है। जब प्रदेश में उन्नत किस्म की बकरियों का पालन बढ़ेगा तो योजना के अगले चरण में दूध और मीट का भी किसानों को बाजार उपलब्ध कराने में मदद की जाएगी।
आयोजन सचिव डॉ. मुकुल आनंद ने बताया कि सेमिनार के साथ ही प्रदेश के 20 जनपदों के पशु चिकित्साधिकारियों का कृत्रिम गर्भाधान का प्रशिक्षण शुरू हो गया है। यह प्रशिक्षण एक वर्ष चलेगा।
इससे पूर्व बकरियों से जुड़ी पुस्तक और प्रपत्रों का विमोचन भी किया गया। इस दौरान रजिस्ट्रार डॉ. पीके शुक्ला, डॉ. आरपी पांडेय, डॉ. सर्वजीत यादव, डॉ. ब्रजेश यादव, डॉ. जितेंद्र कुमार, डॉ. अंबिका, डॉ. शालिनी, डॉ. मधु तिवारी, डॉ. अमित शुक्ला, डॉ. दिलीप सेन मौजूद रहे।