मथुरा। निकाय चुनाव की अधिसूचना अब किसी भी दिन जारी हो सकती है, लेकिन जिला प्रशासन मथुरा-वृंदावन नगर निगम की मतदाता सूची ही तैयार नहीं करा सका है। शहर में अभी तक 1.65 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से ही गायब हैं। इसकी भनक लगते ही सूची की खोज में कलक्ट्रेट पहुंच रहे जनप्रतिनिधियों का अफसर सामना नहीं कर पा रहे हैं। निर्वाचन आयोग निकाय चुनाव की पूरी तैयारी में है। इसके लिए मतदाता सूची का पुनरीक्षण पिछले 20 दिन से कराया जा रहा है। आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के तहत नगर निगम की मतदाता सूची 19 अक्तूबर को जारी होनी थी। लेकिन, अब तक मथुरा-वृंदावन नगर निगम की मतदाता सूची का प्रकाशन ही नहीं हो सका है। बताया जा रहा है कि निर्वाचन आयोग के साफ्टवेयर में मतदाताओं के नाम 18 अक्तूबर तक ही फीड होने थे। इस अवधि तक सिर्फ 1.30 लाख लोगों के नाम ही फीड हो सके हैं। इसके बाद साफ्टवेयर ने फीड किए जा रहे नामों को मतदाता सूची में शामिल ही नहीं किया है। इससे 1.65 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से पृथक हो गए हैं। ऐसे में अधूरी मतदाता सूची का प्रकाशन नहीं हो पा रहा है। निर्वाचन आयोग ने भी इन नामों को जोड़ने के लिए अब तक सहमति नहीं दी है। इस समस्या की मुख्य वजह 2016 की मतदाता सूची का पुनरीक्षण है, जो खामियों से भरी हुई है। उसी के आधार पर निकाय के लिए सूची का पुनरीक्षण किया गया, जिसमें ज्यादा वक्त लगा है। इधर, चुनाव की आहट देख मतदाता सूची देखने पहुंच रहे लोगों को अफसर कोई जवाब नहीं दे पा रहे हैं। चुनाव लड़ने का दम भर रहे लोगों को भी ऐसी स्थिति में नहीं पता है कि आखिर उनका नाम मतदाता सूची में है या नहीं।