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दो एसीएमओ सहित कई कर्मचारी रहे गैरहाजिर

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सीएमओ दफ्तर की जांच करते डीएम - फोटो : amar ujala
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मैनपुरी। जिलाधिकारी ने बुधवार को सीएमओ कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान जहां दो एसीएमओ सहित कई कर्मचारी गैरहाजिर रहे। वहीं तमाम अनियमितताएं भी मिलीं। अव्यवस्था पर डीएम ने सीएमओ को फटकार लगाई। सुधार के निर्देश दिए।
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बुधवार को अपराह्न करीब एक बजे जिलाधिकारी प्रदीप कुमार मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय जा पहुंचे। यहां उन्होंने अधिकारियों की उपस्थिति व स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ जेपी शुक्ला, डॉ राजीव राय, संविदा कर्मी धर्मेंद्र, रजनी यादव, पवन नदारद थे। चतुर्थ श्रेणी कर्मी चंद्रशेखर तो 29 सितंबर से कार्यालय आया ही नहीं था। रजिस्टर पर उसकी अनुपस्थिति भी नहीं लगाई गई थी।
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कार्यालय के लिपिक अनिल कुमार 7 जुलाई का अवकाश प्रार्थना पत्र उपस्थिति पंजिका में उपलब्ध था, परंतु वह न तो स्वीकृत किया गया था और न ही उक्त तिथि का अवकाश आकस्मिक अवकाश रजिस्टर में दर्ज किया गया था।

कार्यालय के पंकज मिश्रा ने 4 सितंबर को 5 और 6 सितंबर दो दिन का अवकाश लिया था। जिसे सक्षम अधिकारी द्वारा स्वीकृत भी किया गया है, उपस्थिति पंजिका में सीएल दर्ज होने के बाद पंकज मिश्रा द्वारा उक्त दोनों तिथियों में हस्ताक्षर किए हैं। कार्यालय के किसी भी कर्मी का अवकाश रजिस्टर पूर्ण नहीं था।

अवकाश प्रार्थना पत्र किसी पत्रावली में नहीं लगाए गए थे। कार्यालय के भ्रमण रजिस्टर में 6 अक्टूबर के बाद किसी के द्वारा कोई अंकन नहीं किया गया है। यह देख नाराज हुए जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को कार्यालय के अभिलेख ठीक कराने, अधीनस्थों पर नियंत्रण रखने के निर्देश दिए।।


वहीं सीएमओ कार्यालय में निरीक्षण के दौरान डीएम ने जब पेंशन प्रकरण के बारे में जानकारी की तो उपस्थित कर्मियों खामोश बने रहे। किसी को यह नहीं पता था कि उनके यहां पिछले छह माह में कितने कर्मी सेवानिवृत्त हुए और उनके पेंशन प्रकरण पर क्या कार्रवाई की गई, कितने लोगों के पेंशन प्रकरण अभी अधूरे हैं।

डीएम ने लिपिक शिवानंद मिश्र को चेतावनी दी। आरोग्य निधि के लंबित पांच प्रार्थना पत्रों का निस्तारण न होने पर भी असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि आरोग्य निधि के तहत सर्वोच्च प्राथमिकता पर प्रार्थना पत्रों का निराकरण किया जाय। उन्होंने इस संबंध में उप जिलाधिकारियों को पत्र लिखे जाने के आदेश दिए।
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