मथुरा। गोवर्धन की गिरिराज तलहटी में मंगलवार को गिरिराजजी की अलौकिक आभा से श्रद्धालुओं आनंदित हो उठे। विदेशी फूलों और इत्र की महक, संगीत की स्वर लहरियों के आनंद के बीच राजमहल में चांदी के अश्व रथ पर सवार गिरिराज प्रभु की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालु लालायित थे। भजन संकीर्तन की धुन पर आनंद शिखर को स्पर्श कर रहा था, श्रद्धालु परम आनंद में सराबोर थे। शरद शंकर मुखिया ने गिरिराजजी को राजाधिराज की शैली में सजाया। हीरे, पन्ने के आभूषणों में उनकी छवि हर किसी को आकर्षित कर रही थी।
जब प्रभु दर्शन को श्रद्धालु लालायित थे तभी आसमान में बादल घिर आए। इधर ब्रजवासी गिरिराज धरण के जयकारे लगा रहे थे मानो एक बार फिर भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र का मानमर्दन कर ब्रजवासियों की लाज रख ली। शहनाई की सुरीली धुन और ब्रज के रासलीला के बीच भक्त नृत्य कर आनंद की अनुभूति करते रहे।
छप्पन भोग मेले में हजारों श्रद्धालु चाट चटकारे के साथ खेल खिलौनों का लुत्फ उठा रहे थे। इससे पूर्व ब्रज के हजारों साधु संतों ने प्रसाद ग्रहण किया। गिरिराज सेवा समिति के संस्थापक मुरारी अग्रवाल ने माखन मटकी भेंट कर हाईकोर्ट के जज आलोक कुमार मुखर्जी आदि का स्वागत किया। इस अवसर पर जिला जज अजीत सिंह, उपजिलाधिकारी सदाकांत गुप्ता, भरतपुर के जिलाधीश आदि मौजूद रहे।
उत्सव में अध्यक्ष दीनानाथ अग्रवाल, महामंत्री अशोक कुमार आढ़ती, कन्नू सर्राफ, दिनेश सादाबाद, राजेंद्र सर्राफ, भगवान दास खंडेलवाल, नीरज गोयल, महावीर अग्रवाल, मुख्य संयोजक संजय जिंदल, राघवेंद्र गर्ग, अमित मर्बिल, अमरनाथ गोयल, राजीव अग्रवाल आदि थे।