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मंडलायुक्त का था इंतजार, अफसरों का गया रविवार बेकार

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कलेक्ट्रेट - फोटो : Amar ujala
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मथुरा। मंडलायुक्त के इंतजार में अफसर सारा दिन अपने दफ्तर खोलकर बैठे रहे। कार्यालयों में सफाई के अलावा बाहर चूना पड़ा था। सुंदर फूलों के गमले बता रहे थे कि आज का दिन खास है। फाइलें सब व्यवस्थित रखीं थी। कर्मचारी समय से पहुंचे। लेकिन सारा दिन इंतजार में ही बात गया, मंडलायुक्त मुआयना करने नहीं आए। बाद में अधिकारी कहते रहे कि हमारा तो रविवार भी बेकार ही चला गया।
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मंडलायुक्त के. राम मोहन राव के मुआयने को लेकर पिछले कई रोज से तैयारियां चल रही थीं। तैयारियों का जायजा लेने के लिए शनिवार को आगरा से अपर आयुक्त प्रभात शर्मा भी पहुंचे थे। सब कार्यक्रम तय था। 11 बजे मंडलायुक्त आते और कलक्ट्रेट, कोतवाली, ब्लाक कार्यालय, नगर निगम दफ्तर और दो गांवों का निरीक्षण करते। अधिकारी भी तैयार थे।

रविवार को छुट्टी के दिन भी कार्यालय खुले रहे। कोतवाली से लेकर ब्लाक तक साफ सफाई कराई गई थी। पर, दोपहर बाद पता चला कि मंडलायुक्त नहीं आ रहे हैं।


मंडलायुक्त का निरीक्षण कोई पहली बार नहीं टला है। यह तीसरी दफा निरस्त हुआ है। सबसे पहले कार्यक्रम 4 जुलाई का बना था। उस वक्त मशीनरी मुड़िया पूर्णिमा मेले में लगी थी लिहाजा टाल दिया गया था। उसके बाद 22 जुलाई का बना था। लेकिन तब भी नहीं आए। मंडलायुक्त का दौरा टलने की वजह जो भी हो, लेकिन हकीकत मंत्रियों का मथुरा में होना माना जा रहा है।
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दरअसल रविवार को ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के कई कार्यक्रम शहर में थे। गरीबों को मुफ्त बिजली कनेक्शन बांटे गए। डीएम तो सुबह से शाम तक बिजली मंत्री के ही साथ रहे। एडीएम से लेकर सिटी मजिस्ट्रेट तक कार्यक्रम में लगे थे। अब सवाल यह उठता है कि मुआयना कराता कौन। सूत्रों का कहना है कि मथुरा में मंत्री के पहुंचते ही अफसरों की फौज उनके पास पहुंच जाती है। जब तक वह मथुरा में रहते हैं सभी अधिकारी उनके इस्तकबाल में एक पैर पर खड़े हो जाते हैं।

साप्ताहिक छुट्टी के दिन भी रविवार को जिला और महिला अस्पताल चमाचम नजर आए। वार्डो में सफाई, मरीजों के बिस्तर पर साफ चादरें बिछी दिखीं। डॉक्टर साहब से लेकर चपरासी तक अपनी ड्रेस में रहे।
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