एटा। शासन ने पहले चरण में जिले के 66 हजार लघु एवं सीमांत किसानों का फसली ऋण माफ करने का फैसला किया है। शासन से भेजी गई सूची में बैंक तीन अलग-अलग श्रेणी की सूची बनाएंगे। कर्जदार किसान के पिता का नाम, मोबाइल नंबर, आधार नंबर और भूलेख मिलान करेंगे। आधार लिंक किसानों को वरीयता मिलेगी। अन्य किसानों के लिए प्रशासन अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में शिविर लगाएगा।
राज्य बैंकर्स कमेटी द्वारा जिला प्रशासन को भेजी गई 66066 कर्जदार लघु एवं सीमांत की सूची में किसानों पर 657.359 करोड़ कर्ज दिखाया गया है। इनमे से 117.445 करोड़ रुपये किसानों ने कर्ज लौटा दिया। सरकार ने बचे 539.915 करोड़ रुपये के कर्ज में से पहले चरण में 395.884 करोड़ रुपये कर्ज माफ करने का फैसला किया है।
जिला कृषि अधिकारी सर्वेश यादव ने बताया शासन से भेजी गई सूची बैंकों को भेज दी गई है। बैंकों में तीन प्रकार की सूची बनेगी। पहली सूची आधार लिंक किसानों की होगी। दूसरी सूची में ऐसी होगी जिनमें भूलेख नंबर और आधार मिलान नहीं होंगे। जबकि तीसरी सूची ऐसे होगी जिन किसानों पर कर्ज है, लेकिन उनकी निर्धारित प्रारुप पर कोई डाटा उपलब्ध नहीं है। पहली सूची पर 14 सदस्यीय जिला स्तरीय कमेटी से हस्ताक्षर करा कर शासन को धन रिलीज कराने के लिए भेजा जाएगा।
सूची में नहीं कोआपरेटिव बैंक के कर्जदार किसान
जिला कृषि अधिकारी सर्वेश यादव ने बताया कि शासन से भेजी गई सूची में कोआपरेटिव बैंक के 30054 किसानों को शामिल नहीं किया गया है। इन किसानाें पर बैंक का 45.96 करोड़ रुपये फसली ऋण बकाया है। इनका नाम दूसरी सूची में आने की उम्मीद है। हालांकि बैंक की सूची गायब होने से अधिकारियाें और किसानों की धड़कनें तेज हो गई है।
शासन से आई कर्जदार किसानों की सूची
बैंक का नाम किसानों की संख्या
इलाहाबाद बैंक 436
एक्सिस बैंक 044
बीओबी 328
बैंक ऑफ इंडिया 902
केनरा बैंक 12177
सेंट्रल बैंक 5272
ग्रामीण बैंक 27368
एचडीएफसी 189
इंडियन ओवरसीज 176
ओबीसी 90
पीएनबी 2867
एसबीआई 15160
यूको बैंक 629
यूनियन बैंक 272
यूनाइटेड बैंक 44
विजया बैंक 03