बिना प्रस्ताव और टेंडर के सड़कों का निर्माण और उपकरण खरीदने के आरोप में एटा नगर पालिका चेयरमैन की कुसी खतरे में पड़ गई है। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर डीएम ने पालिका चेयरमैन के अधिकार सीज करने और एक करोड़ रुपये की रिकवरी कराने की संस्तुति को करते हुए शासन को रिपोर्ट भेज दी है। कार्रवाई की संस्तुति की भनक लगते ही पालिका कर्मियों में हड़कंप मच गया और पालिका के वरिष्ठ अधिकारियाें ने अपने सेलफोन तक स्विच ऑफ कर लिए हैं।
डीएम अमित किशोर ने बताया कि बिना बोर्ड प्रस्ताव और टेंडर के सड़कों का निर्माण और उपकरण खरीदने के मामले की शिकायत पर जांच कराई गई थी। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर डीएम ने शासन को आठ बिंदुओं की रिपोर्ट भेजते हुए बड़ी कार्रवाई की संस्तुति की है। घोटाले की कुल राशि एक करोड़ रुपये तक पहुंची है। जिलाधिकारी ने बताया कि शासन को भेजे पत्र में एक करोड़ रुपये के घोटाले में पालिका चेयरमैन से पचास लाख रुपये, जबकि ईओ, लेखाकार और जेई पर समान अनुपात में पचास लाख रुपये रिकवरी कराने की संस्तुति की गई है। डीएम ने बताया कि शासन को भेजे पत्र में पालिका चेययरैन राकेश गांधी के अधिकार सीज करने की संस्तुति की गई है।
डीएम की संस्तुति की कार्रवाई से पालिका कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। इससे पूर्व घोटाला सामने आने के बाद एक बार पालिका चेयरमैन राकेश गांधी की नगर विकास विभाग के विशेष सचिव अनिल कुमार के सामने पेशी हो चुकी है। पालिका चेयरमेन राकेश गांधी के अधिकार सीज करने और चेयरमैन समेत ईओ, लेखाकार, जेई पर एक करोड़ रुपये की रिकवरी की संस्तुति होने से पालिका कर्मियों में हड़कंप मच गया है। ईओ, जेई और लेखाकार ने फोन स्विच ऑफ कर लिए हैं।
कोई भी फाइल क्लर्क, जेई, लेखाकार, ईओ के फाइनल परीक्षण के बाद मेरे पास हस्ताक्षर के लिए आती है। चेयरमैन तकनीकी व्यक्ति नहीं होता। किसी मद में डबल भुगतान नहीं हुआ है। केवल दो भुगतान के बाउचर में नंबर एक पड़ा है। मेरी छवि धूमिल करने के लिए विरोधियों द्धारा प्रशासन को गुमराह किया जा रहा है।
राकेश गांधी
पालिका चेयरमैन एटा