एका। पिछले सात दिन से जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे किसान की रविवार को आगरा में उपचार के दौरान मौत हो गई। परिवारीजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया गया। सात दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर पीड़ित परिवारीजनों ने न्याय के लिए उच्चाधिकारियों से मांग की है।
एका थाना क्षेत्र के गांव नगला बली निवासी संतोष सिंह यादव का गांव के ही कुछ लोगों से खेत से होकर तालाब में जाने वाले पानी को लेकर विवाद चला था। इसकी शिकायत कई बार पीड़ित संतोष कुमार यादव ने डीएम और एसडीएम से की। समस्या के निस्तारण को डीएम ने लेखपाल को आदेश भी दिए थे। इसके बाद भी लेखपाल द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसको लेकर गांव में प्रधान की अध्यक्षता में एक पंचायत भी हुई थी। पंचायत द्वारा लिए गए फैसले को विपक्षियों ने स्वीकार करने की बात भी की थी, लेकिन पंचायत खत्म होने के बाद पंचायत के फैसलों पर विपक्षियों द्वारा कोई अमल नहीं किया गया।
19 जून की रात आरोपी भूरीदेवी, वीकेश, रमेश, विजय, विकास और टीटू उर्फ रामब्रेश निवासी जेड़ा एका ने संतोष के ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। गंभीर रुप से घायल वृद्ध को उपचार को आगरा ले जाया गया। यहां संतोष की रविवार को मौत हो गई। आगरा में ही शव का पोस्टमार्टम कराया गया। रविवार रात को परिवारीजन शव लेकर गांव आ गए और गांव में शव अंतिम संस्कार कर दिया। घटना से परिवारीजनों में आक्रोश है। घटना के सात दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस भूरी देवी के अलावा किसी अन्य आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
जानलेवा हमले की रिपोर्ट लिखी थी। पीड़ित संतोष की मौत के बाद रिपोर्ट में हत्या (302) की धारा की बढ़ोतरी कर दी गई है। महिला आरोपी भूरी देवी को जेल भेजा जा चुका है। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी को एका पुलिस उनके संबंधित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
संजय वर्मा, सीओ जसराना