प्रभु का जेष्ठा अभिषेक करते पुजारी।
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मथुरा। पुष्टिमार्गीय संप्रदाय के ठाकुर द्वारिकाधीश मंदिर में ज्येष्ठ पूर्णिमा पर राजाधिराज को यमुना के शीतल जल से स्नान कराया गया। इस शीतल जल में विभिन्न प्रकार के द्रव्य और औषधियां डाली गईं। इसके बाद शीतल पदार्थ निवेदित किए गए।
मंदिर के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ पूर्णिमा का दिन अत्यधिक गर्म होता है और ठाकुर जी को शीतलता प्रदान करने के उद्देश्य जल स्नान कराया जाता है। ठाकुरजी को स्नान करने के लिए रविवार की शाम मंदिर के मुखिया, सेवा में कार्य करने वाले लोग यमुना का शुद्ध जल लेकर आए। इस जल में गुलाब जल, खस का इत्र डालकर जल को शुद्ध किया गया। इस जल से सोमवार को ज्येष्ठ पूर्णिमा पर ठाकुर द्वारिकाधीश महाराज को स्नान कराया गया।
वहीं, ठाकुर जी को आम, जामुन और दाल का विशेष भोग निवेदित किया। मंदिर के गोस्वामी बृजेश कुमार महाराज और कांकरोली युवराज डा. वागीश कुमार के निर्देशानुसार मंदिर के सभी कार्यक्रमों का निर्धारण किया गया। इस अवसर पर मंदिर के मुखिया बृजेश कुमार, सुधीर, श्रीधर चतुर्वेदी, कमला शंकर, राजीव चतुर्वेदी, बृजेश चतुर्वेदी रहे। वहीं श्री यमुना जी का भी अभिषेक किया गया। यहां मुखिया सेवायत कलिय मर्दन पीठाधीश्वर, मनमोहन चतुर्वेदी आरती वाले, गोपाला चतुर्वेदी, मनोहर पाठक, ज्ञानेश चतुर्वेदी, आनंद चतुर्वेदी, हर्ष चतुर्वेदी थे।