मथुरा। पिछले 18 साल से बगैर किसी अनुमति के राधाकुंड में रह रहे तीन विदेशी नागरिकों को जेल भेज दिया गया। इन पर बगैर किसी अनुमति के अवैध रूप से राधाकुंड में रहने का आरोप लगा है। एलआईयू ने इनसे अनुमति पत्र दिखाने को कहा था लेकिन यह कोई प्रमाण पेश नहीं कर पाए । हालांकि जांच पड़ताल में इन तीनों की इस बीच कोई भी गतिविधि संदिग्ध नहीं पाई गई। यह सभी कृष्ण के भक्त हैं और भजन-कीर्तन में लीन रहते हैं।
राधाकुंड और आसपास के दूसरे तीर्थस्थलों में तमाम विदेशी नागरिक रह रहे हैं। इनमें राधाकुंड से रविवार को यूक्रेन निवासी वाल्डीजेव इंगौर उर्फ ईशान, रूस के फॉरसेव वासली उर्फ भक्ति प्रसाद और दामित्री पॉलुकस को गिरफ्तार किया था। इनसे घंटों पूछताछ की गई।
जहां से इन लोगों को पकड़ा गया था वहां आसपास में रहने वाले परिवारों से भी इनके बारे में पूछा गया लेकिन किसी की भी कोई गतिविधि संदिग्ध नहीं मिली है। लेकिन यह लोग यहां रहने के लिए कोई अनुमति पत्र नहीं दिखा पाए। इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया और सोमवार को जेल भेज दिया गया। कुछ दूसरे लोगों के बारे में भी खुफिया एजेंसियों को जानकारी मिली है। उनकी भी तलाश की जा रही है।