मथुरा। गोवर्धन के प्रमुख दानघाटी मंदिर के बाद अब मुकुट मुखारविंद मानसीगंगा मंदिर के खजाने से खर्च को लेकर जांच शुरू हो गई है। एसडीएम के नोटिस के बाद इस मामले में मंदिर के रिसीवर ने आरोपों का जवाब दाखिल कर दिया है। हालांकि इस पर सोमवार को होने वाली सुनवाई टल गई।
गोवर्धन के प्रमुख मंदिर दानघाटी में 7.44 करोड़ के घोटाले के बाद अब यहां मुकुट मुखारविंद मानसीगंगा मंदिर सुर्खियों में है। गोवर्धन निवासी प्रभूदयाल और अशोक पाठक की शिकायत पर मंदिर के खर्च की जांच एसडीएम द्वारा की जा रही है।
इसमें मंदिर के रिसीवर पर आरोप लगाए गए हैं कि मंदिर के लिए जमीन की खरीद और फूल बंगला में बड़े स्तर पर अनियमितताएं की गई हैं। इसकी जांच कर रहे एसडीएम नागेंद्र सिंह के नोटिस पर मुकुट मुखारविंद मंदिर के रिसीवर ने अपना जवाब जांच अधिकारी को सौंप दिया है। इस पर सोमवार को होने वाली सुनवाई एसडीएम के गोवर्धन तहसील मुख्यालय से बाहर होने के कारण नहीं हो सकी है।
इधर, जवाब दाखिल करने वाले मुकुट मुखारविंद मानसीगंगा मंदिर के मैनेजर मनु ऋषी का कहना है कि सभी आरोप मिथ्या हैं। मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था कोर्ट के दिशा निर्देश से संचालित होती है। बगैर अनुमति कोई काम नहीं किया जाता है। 2018 तक की ऑडिट रिपोर्ट कोर्ट को प्रस्तुत की जा चुकी है। सभी आरोप मंदिरों को बदनाम करने की नीयत से सोची समझी साजिश का हिस्सा है।