कासगंज। एक लंबे अरसे से बूढ़ी गंगा की सफाई और खोदाई का काम नहीं हो सका है। सिंचाई विभाग के द्वारा पूर्व में सफाई के नाम पर औपचारिकताएं होती रहीं, लेकिन इस बार जिला प्रशासन ने बूढ़ी गंगा की खोदाई, सफाई एवं जीर्णोद्धार का 118 किलोमीटर लंबा काम कराने का संकल्प लिया है। मनरेगा योजना एवं श्रमदान के माध्यम से यह कार्य किया जाएगा। अब फिर से संत तुलसी दास के समय की गंगा की धार नजर आएगी।
19 जून से सोरों इलाके के पचलाना से विलुप्त हो रही बूढ़ी गंगा का जीर्णोद्धार किया जाएगा। इससे सोरों, सहावर, गंजडुंडवारा और पटियाली क्षेत्र की 60 ग्राम पंचायतें लाभांवित होंगी। जिले में 118 किलोमीटर लंबी बूढ़ी गंगा की धार है। मनरेगा के जॉब कार्डधारक श्रमिकों एवं स्वयंसेवी श्रमिकों के माध्यम से श्रमदान करके जीर्णोद्धार का कार्य शुरू होगा। पहले दिन 180 जिला तहसील, ब्लॉक, पंचायत के अधिकारियों, कर्मियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्वयं जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी, विधायक अन्य जनप्रतिनिधि, स्कूल कालेजों व गणमान्य नागरिकों की सहभागिता रहेगी। मुख्य विकास अधिकारी डा. दिनेश कुमार सिंह को बूढ़ी गंगा के जीर्णोद्धार कार्य की बागडोर जिलाधिकारी ने सौंपी है।
400 साल पहले यहीं थी गंगा की मुख्य धारा
कासगंज। करीब 400 वर्ष पूर्व गंगा की मुख्यधारा बूढ़ी गंगा ही थी। इसके कई पुराने ऐतिहासिक और पौराणिक तथ्य हैं, लेकिन गंगा नदी के द्वारा जब धारा परिवर्तित हो गई तो लहरा क्षेत्र में मुख्य धारा बनी जो कछला की ओर जा रही है। सोरों के प्राचीन साहित्य के जानकार डा. राधाकृष्ण दीक्षित बताते हैं कि 400 वर्ष पहले बूढ़ी गंगा ही गंगा की मुख्य धारा था, लेकिन नदी प्राकृतिक रूप से अपना रास्ता बनाती है।
सफाई से क्या मिलेगा लाभ-
- 60 ग्राम पंचायतों के गांव को मिलेगी सिंचाई की सुविधा।
- जिले में भूगर्भ जलस्तर में होगा सुधार।
- तीर्थ नगरी सोरों में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को मिल पाएगा मुख्यधारा का जल।
- बूढ़ी गंगा के किनारे बनी प्राचीन धरोहर भी हो उठेंगी जीवित।
- गंगा की धारा विकसित होने से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर।
- जिले की चार झीलों को मिल जाएगी संजीवनी।
- श्रमदान के माध्यम से बूढ़ी गंगा की धारा को जीर्णोद्धार करके पुन: जीवित किया जाएगा। इस धारा का जीर्णोद्धार जिले के लिए बेहद आवश्यक है। जिले के सभी लोग श्रमदान करके इसमें सहयोग करें। प्रशासन पूरी तैयारी के साथ इस कार्य में जुटा है। चंद्र प्रकाश सिंह, जिलाधिकारी।