मथुरा। योगीराज की नगरी में विकास की सुस्त रफ्तार से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खफा हैं। उन्होंने ब्रज में चल रहे सभी प्रोजेक्ट से जुड़े अफसरों को 17 जून को कॉल किया है। मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, बरसाना, नंदगांव, राधाकुंड और गोकुल में चल रहीं योजनाओं की समीक्षा की जानी है। एक-एक प्रोजेक्ट की पूरी डिटेल से जानकारी ली जाएगी। पिछले दिनों ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा ने भी निरीक्षण किया था और उन्होंने भी माना था जिस रफ्तार से प्रोजेक्ट चलने चाहिए थे वैसे चल नहीं पा रहे हैं।
ब्रज को सजाने संवारने के लिए इस समय 80 करोड़ से भी ज्यादा के काम चल रहे हैं। लेकिन इन सभी प्रोजेक्ट की रफ्तार बेहद सुस्त है। खासकर गोवर्धन परिक्रमा मार्ग और वृंदावन परिक्रमा मार्ग में जो भी काम कराए जाने थे वह उस तरह से हो नहीं पा रहे हैं। गोवर्धन और मथुरा में जो मल्टीस्टोरी पार्किंग का काम था वह भी पिछड़ रहा है।
पिछले सप्ताह ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने स्थलीय निरीक्षण भी किया था। उन्होंने कार्यों की सुस्ती पर नाराजगी जताई थी। ऊर्जा मंत्री ने लखनऊ जाकर इसकी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को दी। मुख्यमंत्री ने भी इस पर नाराजगी जताई है। योगी ने ब्रजतीर्थ विकास परिषद और पर्यटन विभाग के अफसरों को बुलाया है। सत्रह जून को समीक्षा होगी। इसके लिए अफसर रात-दिन लगे हैं।
यह हैं प्रोजेक्ट
गोवर्धन-मथुरा में मल्टीस्टोरी पार्किंग।
वृंदावन और गोवर्धन परिक्रमा मार्ग का सौंदर्यीकरण।
महावन में ब्रह्मांड घाट का सौंदर्यीकरण।
वृंदावन, गोवर्धन और बरसाना में जनसुविधाएं।
तीर्थ स्थलों पर सोलर लाइट सिस्टम।
गेस्ट हाउस के निर्माण।
गोकुल में रसखान का समाधिस्थल।
मांट का भांडीरवन।
गोकुल में मंदिर के पास पार्किंग।
मथुरा की परिक्रमा मार्ग का सौंदर्यीकरण।
आखिर मथुरा में कब तक पहुंचेगा गंगाजल
मथुरा। गंगाजल पहुंचाने का प्रोजेक्ट भी पिछड़ गया है। वर्ष 2019 जनवरी तक पाइप लाइन बिछ जानी थी लेकिन अभी तक लोग गंगाजल को तरस रहे हैं, जबकि आगरा में कभी की सप्लाई शुरू हो गई है। इन गर्मियों में भी पानी मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। क्योंकि अभी गोकुल बैराज पर पाइप लाइन डाली ही नहीं गई है। इस प्रोजेक्ट के लेट होने की शिकायतें भी शासन तक पहुंच गई हैं।