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157 पंचायतों में नहीं हुआ एक भी मानव दिवस सृजित

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एटा। मनरेगा से मजदूरों की जिंदगी को बेहतर बनाने का दावा किया जा रहा है लेकिन जिले के मनरेगा मजदूर काम के लिए तरस रहे हैं। आलम यह है कि जिले मेें लक्ष्य के सापेक्ष मानव दिवस सृजित नहीं हो रहे हैं। ऐसे में मजदूरों को 100 दिन का काम देने का दावा फेल साबित हो रहा है। मई माह मेें जिले की 157 ग्राम पंचायतों में कोई मानव दिवस सृजित नहीं हुआ।
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जिले में मनरेगा के तहत जिले में तीन लाख मानव दिवस सृजित किए जाने का लक्ष्य था। इसके तहत हर पंजीकृत मजदूर को मनरेगा के तहत काम दिया जाना था। इसके बावजूद जिले में महज एक लाख मानव दिवस सृजित हो सके। जिले की 157 ग्राम पंचायतों में तो एक भी मानव दिवस सृजित नहीं हो सका। ऐसे में जिले के करीब एक लाख मजदूरों के लिए मनरेगा मजाक बनकर रह गई। हालांकि जिले के अधिकारी लगातार मानव दिवस को लेकर निर्देश दे रहे हैं, लेकिन योजना की रफतार बढ़ती नजर नहीं आ रही है।
निधौलीकलां बीडीओ ने फटकारे एपीओ
निधौलीकलां में मई महीने में 67912 मानव दिवस सृजित किए जाने थे। इसमें से महज 1827 मानव दिवस सृजित हो सके। इसे लेकर निधौलीकलां बीडीओ अजय पांडेय ने एपीओ को काम की गति बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
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प्लान प्लस की फीडिंग बनी रोड़ा
जिले की 94 ग्राम पंचायतों में अब तक कार्ययोजना की फीडिंग नहीं हो सकी है। फीडिंग के बिना गांवों में काम नहीं हो सकता है। इसके चलते मनरेगा में काम नहीं शुरू हो सके हैं।
कहते हैं आंकड़े
207651 मजदूर हैं मनरेगा में पंजीकृत
316212 मानव दिवस होने थे सृजित
111139 मानव दिवस हो सके सृजित
71984 मजदूर हैं जिले में सक्रिय
94 ग्राम पंचायतों ने नहीं फीड कराई कार्ययोजना
मनरेगा में मानव दिवसों की प्रगति बढ़ाने के लिए लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं। एपीओ को चेताया गया है। अगले महीने प्रगति नहीं बढ़ी तो कार्रवाई की जाएगी।
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उग्रसेन पांडेय, सीडीओ एटा
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